झारखंड के शहरों में सड़कों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों के नामकरण व नंबरिंग का नियम तय: नगर विकास विभाग ने जारी किया ड्राफ्ट ‘रूल्स 2026’, 10 दिनों में मांगे आपत्ति व सुझाव

रांची : झारखंड के शहरी क्षेत्रों में अब सड़कों, रास्तों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों के नामकरण तथा मकानों/भवनों की नंबरिंग (गृह संख्या)...

Ranchi

रांची : झारखंड के शहरी क्षेत्रों में अब सड़कों, रास्तों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों के नामकरण तथा मकानों/भवनों की नंबरिंग (गृह संख्या) को व्यवस्थित करने के लिए नया नियम लागू होने जा रहा है. नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड सरकार द्वारा “The Jharkhand Municipal (Naming and Numbering of Streets, Roads, Mohallas and Public Places) Rules, 2026” का प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार कर इसका सार्वजनिक प्रकाशन कर दिया गया है. विभाग के अवर सचिव अतुल कुमार द्वारा जारी पत्रांक (08/नियमावली-04/2026 न०वि०आ०-2697, दिनांक 28.07.2026) के माध्यम से आम जनता एवं सर्वसाधारण से इस नियमावली प्रारूप पर सुझाव व आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं.

विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है नियमावली का प्रारूप

नगर विकास विभाग ने आम नागरिकों की जानकारी के लिए इस नई नियमावली के प्रारूप को अपनी आधिकारिक वेबसाइट ([https://udhd.jharkhand.gov.in/](https://udhd.jharkhand.gov.in/)) के Notice Section में अपलोड कर दिया है. शहरी निकाय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक और प्रबुद्ध जन इसे पढ़कर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं.

10 दिनों के भीतर दे सकते हैं सुझाव/आपत्ति

यदि किसी नागरिक या संगठन को इस प्रस्तावित नियमावली के प्रावधानों पर कोई आपत्ति, सुझाव या मंतव्य दर्ज कराना है, तो वे विभागीय ईमेल के माध्यम से अपनी बात रख सकते हैं.

– ईमेल आईडी: ud.secy@gmail.com अथवा uddeprocurement@gmail.com
– समय-सीमा : नियमावली प्रारूप के वेबसाइट पर अपलोड होने की तिथि से 10 (दस) दिनों के भीतर ही आपत्तियां/सुझाव भेजे जा सकते हैं।
– विशेष शर्त: निर्धारित समय-सीमा (10 दिन) समाप्त होने के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी सुझाव या आपत्ति पर विभाग द्वारा विचार नहीं किया जाएगा।

शहरों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह नियमावली

शहरी निकायों (नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत) में कई बार सड़कों, गलियों और मोहल्लों के अनियोजित नामकरण और अस्पष्ट मकान नंबरों के कारण डाकिया सेवा, आपातकालीन एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और डिजिटल मैपिंग जैसी आवश्यक सेवाओं में दिक्कतें आती हैं। इस नियमावली के लागू होने से राज्य के सभी शहरों में व्यवस्थित नामकरण, प्रॉपर साइनेज बोर्ड और यूनिक नंबरिंग प्रणाली लागू हो सकेगी.
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