Bokaro: सदर अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग में कार्यरत स्व. बीरेन्द्र महतो की मौत को लेकर गोमिया के पूर्व विधायक लम्बोदर महतो ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बीरेन्द्र महतो की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
अस्पताल प्रबंधन और अधिकारियों से की वार्ता
शुक्रवार को लम्बोदर महतो ने अस्पताल प्रबंधन, जिला प्रशासन एवं एनएचएम (NHM) के अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई.
परिवार के लिए रोजगार पर बनी सहमति
एनएचएम अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी. इसके तहत पीड़ित परिवार के एक सदस्य को 15 अगस्त से पहले योग्यता के आधार पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से अस्थायी रोजगार उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया.

पुत्र की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजने का निर्णय
बैठक में यह भी तय हुआ कि स्व. बीरेन्द्र महतो के पुत्र शैलेश की फिजियोथेरेपी की पढ़ाई पूरी होने के बाद उनकी नियुक्ति के लिए एनएचएम के तहत सदर अस्पताल, बोकारो में पद उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा.
