Ranchi: झारखंड में इस साल मानसून की चाल ने किसानों और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है. राज्य में मानसून के आने और इसके शुरुआती दौर (01 जून 2026 से 01 अगस्त) के दौरान बादलों ने धोखा दिया है. इस अवधि में पूरे झारखंड में सामान्य से 27% कम बारिश दर्ज की गई है.मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान पूरे राज्य में कुल मिलाकर औसत रूप से 378 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 517 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी.
चतरा और गढ़वा में सूखे जैसे हालात
झारखंड के दो ऐसे जिले हैं जहां मानसून सबसे ज्यादा मेहरबान होने के बजाय सबसे ज्यादा रूठा नजर आया. चतरा और गढ़वा जिलों में इस अवधि के दौरान बारिश में 63% की भारी गिरावट दर्ज की गई है. इस पूरे मानसून सीजन में केवल पश्चिमी सिंहभूम ही एक ऐसा इकलौता जिला रहा जहाँ सकारात्मक रुख देखने को मिला. यहां सामान्य से 14% अधिक बारिश दर्ज की गई.
इन जिलों में भी कम हुई है बारिश
- सिमडेगा: 4% की कमी
- सरायकेला-खरसावां: 9% की कमी
- पूर्वी सिंहभूम: 11% की कमी
- दुमका: 15% की कमी.
- रांचीः 17% की कमी
- साहिबगंज: 18% की कमी
- धनबादः 21% की कमी
- जामताड़ाः 28% की कमी
- गोड्डाः 49% की कमी
- कोडरमाः 49% की कमी
- गिरिडीहः 46% की कमी
- पलामूः 45% की कमी
- देवघरः 54% की कमी
- पाकुड़ः 58% की कमी
- बोकारोः 37% की कमी
- गुमलाः 33% की कमी
- हजारीबागः 39%की कमी
- लातेहारः 34% की कमी
- लोहरदगा 32% की कमी
- रामगढ़ः 35% की कमी
- खूंटीः 20% की कमी
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