सरायकेला : चांडिल में नोटरी की फर्जी मोहर से दस्तावेज बनाने का मामला

Seraikela : चांडिल अनुमंडल कोर्ट परिसर में वरिष्ठ अधिवक्ता सह नोटरी पब्लिक अशोक कुमार झा की फर्जी मोहर बनाकर दस्तावेज तैयार करने...

Seraikela : चांडिल अनुमंडल कोर्ट परिसर में वरिष्ठ अधिवक्ता सह नोटरी पब्लिक अशोक कुमार झा की फर्जी मोहर बनाकर दस्तावेज तैयार करने का मामला सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है. आज 1/8/2026 को चांडिल थाना से ASI सुरेन्द्र कुमार कोर्ट परिसर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी. उन्होंने बार के अधिवक्ताओं और बार कर्मियों से पूछताछ की. अधिवक्ता अशोक कुमार झा ने 30/07/26 को SDO चांडिल को लिखित आवेदन देकर शिकायत की है.

चांडिल कोर्ट में नोटरी की फर्जी मोहर का खेल

आवेदन में उन्होंने बताया कि 29 जुलाई 2026 को उन्हें जानकारी मिली कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी नोटरी पब्लिक की नकली मोहर बनाकर चांडिल कोर्ट परिसर में एकरारनामा, शपथ पत्र जैसे दस्तावेजों पर उनका फर्जी हस्ताक्षर और मोहर लगा रहा है. झा ने बताया कि जिस नकली मोहर का इस्तेमाल हो रहा है वह उनकी असली मोहर से अलग है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक फर्जी एकरारनामा में भी उनकी नकली मोहर लगी है, लेकिन उस पर उनका हस्ताक्षर नहीं है.

नोटरी फर्जीवाड़े की जांच में जुटी पुलिस

उन्होंने SDO से मांग की है कि फर्जी मोहर के जरिए बनाए जा रहे दस्तावेजों को तुरंत रोका जाए और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए. आवेदन के साथ उन्होंने अपनी असली मोहर का नमूना और वायरल दस्तावेज की फोटोकॉपी भी संलग्न की है. शिकायत मिलने के बाद आज ASI सुरेन्द्र कुमार चांडिल थाना की ओर से कोर्ट पहुंचे. सूत्रों के अनुसार उन्होंने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अन्य अधिवक्ताओं से इस संबंध में जानकारी ली. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली मोहर किसने बनाई और किन-किन दस्तावेजों पर उसका इस्तेमाल हुआ है.

अधिवक्ताओं में आक्रोश

इस घटना के बाद बार के अधिवक्ताओं में आक्रोश है. उनका कहना है कि नोटरी की फर्जी मोहर से न सिर्फ आम जनता के साथ धोखाधड़ी हो रही है, बल्कि न्यायपालिका की साख पर भी सवाल उठ रहा है. फिलहाल पुलिस ने फर्जी दस्तावेज और मोहर की फोटो को साक्ष्य के रूप में अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच जारी है. अशोक कुमार झा, व्यवहार न्यायालय चांडिल के अधिवक्ता हैं और भारत सरकार द्वारा नियुक्त नोटरी पब्लिक भी हैं. उनका कार्यालय और आवास हनुमान मंदिर, कॉलेज गेट, चांडिल में है.

Also Read : कोडरमा: 11 करोड़ की लागत से बना डिग्री कॉलेज का अब तक नहीं हुआ उद्घाटन, अधर में हजारों छात्रों का भविष्य

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *