Chatra: 80 की उम्र में लोग छड़ी का सहारा ढूंढते हैं, लेकिन चतरा जिले के गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय के देवकी महतो आज भी अपने पैरों पर खड़े हैं. और सिर्फ खड़े ही नहीं, बल्कि रोज 8-10 किलोमीटर साइकिल चलाकर खेती-किसानी भी खुद संभाल रहे हैं.उनकी पहचान अब सिर्फ उम्र से नहीं, बल्कि उनके अनोखे अंदाज से है. देवकी महतो साइकिल की सीट पर नहीं, साइकिल के करियर पर बैठकर चलाते हैं. यही उनका स्टाइल है और यही पिछले कई सालों से उनकी आदत बन गई है.

साइकिल ही है जीवन का साथी
देवकी महतो के लिए साइकिल सिर्फ एक साधन नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न हिस्सा है. इसी साइकिल के भरोसे वे रोज अपने खेत, खलिहान, पाही और बाजार तक जाते हैं. खेती-बाड़ी से लेकर घर के छोटे-बड़े सभी काम वे बिना किसी के सहारे खुद करते हैं.गांव वाले बताते हैं कि सुबह से शाम तक उन्हें सक्रिय देखा जा सकता है. उम्र के इस पड़ाव में भी उनका उत्साह और फुर्ती किसी 40 साल के युवा को मात दे.
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फिटनेस का राज: श्रम और सादगी
जब उनसे पूछा गया कि इतनी उम्र में भी इतने फिट कैसे हैं, तो देवकी महतो मुस्कुराकर बोले, नियमित मेहनत, सादा खाना और साइकिल. यही मेरी दवा है, गांव में जब भी वे करियर पर बैठकर साइकिल चलाते हुए निकलते हैं तो लोग पल भर के लिए रुककर उन्हें देखते हैं. उनका यह अंदाज अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है.

युवाओं के लिए मिसाल
देवकी महतो की दिनचर्या और अनुशासन को देखकर गांव के युवा भी उनसे प्रेरणा ले रहे हैं. 80 साल की उम्र में भी उनकी मेहनत यह साबित करती है कि इच्छाशक्ति हो तो उम्र सिर्फ एक संख्या है.स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के समय में जब लोग थोड़ी सी मेहनत से घबरा जाते हैं, देवकी महतो जैसे लोग हमें जीने की असली सीख देते हैं.
