तसलीमा नसरीन की वापसी पर सुभेंदु अधिकारी ने कहा – जब चाहें बंगाल आ सकती है, सरकार देगी सुरक्षा

NewsWave Desk : निर्वासन का जीवन जी रही लेखिका तसलीमा नसरीन दो दशक बाद कोलकाता पहुंची. इस दौरान रवींद्र सदन में आयोजित...

तसलीमा नसरीन

NewsWave Desk : निर्वासन का जीवन जी रही लेखिका तसलीमा नसरीन दो दशक बाद कोलकाता पहुंची. इस दौरान रवींद्र सदन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने तसलीमा नसरीन का स्वागत किया और कहा कि जब भी वह पश्चिम बंगाल आएंगी, राज्य सरकार उन्हें पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराएगी. सुभेंदू अधिकारी ने कहा कि तसलीमा जब चाहें और जितनी बार चाहें पश्चिम बंगाल आ सकती है. सुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि सरकार बदलने के साथ राज्य भी बदला है और अब यहां संविधान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकार सुरक्षित हैं.

अन्याय हमेशा नहीं रह सकता

इस दौरान तसलीमा नसरीन ने कहा कि उनकी वापसी इस बात का संकेत है कि अन्याय लंबे समय तक चल सकता है, लेकिन हमेशा के लिए नहीं रहता. उन्होंने कहा कि वह उस दिन का इंतजार कर रही हैं, जब किसी लेखक को अपने विचारों के कारण अपना देश छोड़ने के लिए मजबूर न होना पड़े. उन्होंने कहा कि लग रहा है जैसे वे अपनी जीवन में वापस आ गयी. तसलीमा नसरीन ने स्पष्ट किया कि उनका कार्यक्रम में आने का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है. उन्होंने कहा कि वह न तो किसी राजनीतिक दल के समर्थन में बोलने आई हैं और न ही किसी के विरोध में. उनका उद्देश्य केवल महिलाओं के अधिकारों की बात करना है.

1994 में छोड़ा था बांग्लादेश

तसलीमा नसरीन वर्ष 2004 से 2007 तक कोलकाता में रही थीं. उनकी आत्मकथा द्विखंडितो के कुछ हिस्सों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे. जिसके बाद तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार ने इस पुस्तक पर प्रतिबंध लगा दिया था. कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए नवंबर 2007 में उन्हें कोलकाता छोड़ना पड़ा था. इससे पहले बांग्लादेश में अपनी लेखनी को लेकर इस्लामी कट्टरपंथियों से मिली धमकियों के बाद तसलीमा ने वर्ष 1994 में अपना देश छोड़ दिया था. तब से वह निर्वासन का जीवन जी रही है.

 

ALSO READ : जंतर-मंतर पर पुलिस की वर्दी पहनकर हिंसा की थी योजना: बंगाल और झारखंड से जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल के 2 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *