पलामू: मेदिनीनगर में CNT एक्ट की खतियानी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, पीड़िता ने जिला प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

Palamu: मेदिनीनगर सदर अंचल के ग्राम बारालोटा स्थित खतियानी और सीएनटी एक्ट के तहत आने वाली जमीन पर अवैध कब्जे, घेराबंदी और...

Palamu: Allegations of illegal occupation of Khatian land under CNT Act in Medininagar, victim appeals to the district administration for justice

Palamu: मेदिनीनगर सदर अंचल के ग्राम बारालोटा स्थित खतियानी और सीएनटी एक्ट के तहत आने वाली जमीन पर अवैध कब्जे, घेराबंदी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए बिक्री के प्रयास का मामला सामने आया है. पीड़िता सविता रवि (पति स्व. भोला राम) ने शहर थाना प्रभारी, पलामू उपायुक्त, सदर अंचल अधिकारी और निबंधक पदाधिकारी को लिखित आवेदन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई है. पीड़िता का कहना है कि बारालोटा बाइपास रोड स्थित खाता नंबर 101, प्लॉट नंबर 149 (रकबा 103 डिसमिल) और प्लॉट नंबर 146 (रकबा 40 डिसमिल) उनकी खतियानी भूमि है, जो सीएनटी (C.N.T.) एक्ट के अंतर्गत आती है. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि धनंजय सिंह, संतोष सिंह सोनी, दिवाकर चंद्र पांडे और चंदा पांडे द्वारा बलपूर्वक बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है तथा पेट्रोल पंप के पास जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है.

मामला कोर्ट में विचाराधीन

पीड़ित परिवारों में बताया है कि इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर वर्ष 2008 से ही व्यवहार न्यायालय, पलामू में कोर्ट केस (टाइटल सूट संख्या 50/2008 – T.S. 50/2008) चल रहा है. मामला अदालत में विचाराधीन होने के बावजूद दबंगों द्वारा फर्जी कागजात व एलपीसी (L.P.C.) के आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री की कोशिश की जा रही है. पीड़िता ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि इसी जमीन विवाद के कारण पूर्व में उनके पति की हत्या भी कराई जा चुकी है.

यह भी पढ़ें: असल मुद्दों को नजरअंदाज कर सरकार विपक्षी नेताओं के खिलाफ FIR कर रही : पवन खेड़ा

आंदोलन की चेतावनी

वार्ड नंबर 4 के वार्ड पार्षद राजूराम ने भी बताया कि दलित परिवारों की इस जमीन को आवेदन से कब्जा किया जा रहा है. यह बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भूमि की जांच कराया जाए. टाइटल सूट का मामला कोर्ट में अभी भी चल रहा है. कोर्ट का फैसला आने तक कोई निर्माण नहीं हो. नहीं तो हम लोग आंदोलन करेंगे. पीड़िता ने प्रशासन से अविलंब बाउंड्री निर्माण कार्य रुकवाने, निर्गत एलपीसी को निरस्त करने और निबंधन कार्यालय में इस भूमि के निबंधन पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि अदालत का फैसला आने तक शांति व्यवस्था बनी रहे और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *