गुमला में मड़ुआ उत्पादन से महिलाओं की आर्थिक उन्नति और स्वास्थ्य में सुधार

गुमला: जिले में झारखंड सरकार के झारखंड राज्य आजीविका मिशन के तहत मड़ुआ (बड़वा) के लड्डू और अन्य उत्पाद तैयार किए जा...

गुमला: जिले में झारखंड सरकार के झारखंड राज्य आजीविका मिशन के तहत मड़ुआ (बड़वा) के लड्डू और अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं.ये उत्पाद न केवल जिले और राज्य में बल्कि देश और विदेश में भी अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. इस परियोजना से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक लाभ मिल रहा है और जिले में कुपोषित महिलाओं को भी इससे फायदा पहुंच रहा है.

गुमला जिला मुख्यालय में मिशन से जुड़ी महिलाएं रोज़ाना मड़ुआ के लड्डू, ठेकुआ, नीमकी और अन्य उत्पाद बनाती हैं। इससे उन्हें रोजगार और अच्छी आमदनी मिल रही है. स्थानीय महिलाएं बताती हैं कि मड़ुआ की खेती उनके इलाके में लंबे समय से होती रही है.लेकिन इसकी अहमियत पहले कम समझी जाती थी.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मोटे अनाज को बढ़ावा दिए जाने के बाद गुमला में मड़ुआ उत्पादन बड़े पैमाने पर शुरू हुआ.

स्थानीय महिलाओं की कहानी

कोनिका देवी और भगवती देवी जैसी महिलाएं पहले छोटे-मोटे कामों पर निर्भर थीं.लेकिन अब मड़ुआ उत्पादन से उनका जीवन बदल गया है.अच्छी आमदनी से उन्होंने अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाया और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की है. महिलाएं अब न केवल अपने घर की जरूरतें पूरी कर रही हैं, बल्कि परिवार की आय में भी योगदान दे रही हैं.

जिला प्रशासन का सहयोग

जिला प्रशासन भी मड़ुआ उत्पादन को बढ़ावा दे रहा है. डीसी प्रेरणा दीक्षित और कृषि विभाग के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं और किसानों को जागरूक किया जा रहा है. उन्हें भरोसा दिलाया जा रहा है कि उनके द्वारा उत्पादित मड़ुआ खरीदा जाएगा. इससे ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं और उनका आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है.

मड़ुआ के उत्पाद अब आंगनबाड़ी केंद्रों, केदो और अस्पतालों में भी वितरित किए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य कुपोषण और आयरन की कमी जैसी समस्याओं को दूर करना है. महिलाओं का कहना है कि अब उनके उत्पाद से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है, बल्कि समुदाय में स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति में भी सुधार आया है.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *