Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार बढ़ते जा रहा है. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम को केंद्र बनाकर विरोध दर्ज करा रहे प्रतियोगी छात्रों और अभ्यर्थियों ने मंगलवार की शाम एक अनूठे और शांतिपूर्ण अंदाज में ‘मौन जुलूस’ निकाला. सोमवार को हुए उग्र विधानसभा मार्च के ठीक अगले दिन छात्रों ने गांधीवादी राह अपनाते हुए अपनी मांगों को मजबूती से शासन-प्रशासन के समक्ष रखा.
स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक खामोशी का संदेश
मंगलवार शाम को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर से शुरू हुआ यह मौन जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचा. जुलूस की शुरुआत से पहले आंदोलनकारी छात्र नेताओं ने सभी अभ्यर्थियों से स्पष्ट अपील की थी कि मार्च के दौरान किसी भी प्रकार की नारेबाजी, बहस या आपस में बातचीत नहीं की जाएगी. इस निर्देश का अनुपालन करते हुए सैकड़ों की संख्या में उपस्थित अभ्यर्थियों ने पूर्ण अनुशासित और खामोश रहकर पूरे रास्ते कदम ताल किया. बिना बोले भी छात्रों का यह जुलूस राजधानी की सड़कों पर एक गहरा प्रभाव छोड़ गया.
बैनर-पोस्टर बने आवाज, पुलिस को सौंपे फूल
भले ही जुलूस में कोई जुबानी नारा नहीं गूंजा, लेकिन अभ्यर्थियों के हाथों में बैनर और पोस्टर मौजूद थे. इन पोस्टरों पर JPSC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाली पंक्तियां, आयोग में सुधार की मांगें और कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश साफ झलक रहा था.
अनुशासन और अहिंसा की मिसाल पेश करते हुए छात्रों ने ‘गांधीगिरी’ का भी परिचय दिया. जुलूस की सुरक्षा और व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों को अभ्यर्थियों ने गुलाब के फूल भेंट किए. छात्रों का कहना था कि उनकी लड़ाई व्यवस्था से है, न कि ड्यूटी पर तैनात जवानों से. उनका यह आंदोलन पूरी तरह से संवैधानिक और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर रहकर जारी रहेगा.
