Chaibsa: कोल्हान रक्षा संघ की केंद्रीय बैठक रविवार को संगठन के केंद्रीय कार्यालय, पाण्ड्राशाली चौक, माटकोबेड़ा में केंद्रीय अध्यक्ष दिवार जोंको की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ चंपिया उपस्थित रहे. विशिष्ट अतिथियों में झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता कौशलेन्द्र प्रसाद, संविधान विशेषज्ञ प्रेमचंद मुर्मू, झारखंड आंदोलनकारी सुखदेव हेंब्रम, ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन विश्वनाथ सरदार, रविन्द्र मंडल एवं गयाराम महतो सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए.बैठक में पांचवीं अनुसूची, विल्किन्सन रूल, पेसा कानून, ग्राम सभा के अधिकार, आदिवासी भाषा-संस्कृति के संरक्षण तथा जल, जंगल, जमीन एवं पर्यावरण सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई. वक्ताओं ने कहा कि संविधान प्रदत्त अधिकारों और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समाज को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संगठित होकर आगे बढ़ना होगा.

संविधान प्रदत्त अधिकारों का हो पूर्ण पालन
मुख्य अतिथि देवेंद्र नाथ चंपिया ने कहा कि कोल्हान की ऐतिहासिक पहचान उसकी पारंपरिक व्यवस्था, पांचवीं अनुसूची, विल्किन्सन रूल और ग्राम सभा की सशक्त परंपरा से है. इन अधिकारों की रक्षा करना केवल सरकार ही नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है. विकास योजनाओं में स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए संविधान प्रदत्त अधिकारों का पूर्ण पालन होना चाहिए. केंद्रीय अध्यक्ष दिवार जोंको ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि कोल्हान रक्षा संघ क्षेत्र के लोगों की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा. यदि पांचवीं अनुसूची, विल्किन्सन रूल, पेसा कानून एवं ग्राम सभा के अधिकारों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तो कोल्हान का समग्र विकास संभव है.
युवाओं को जागरूक होकर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए
सरकार को क्षेत्र की उपेक्षा समाप्त कर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, रोजगार एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए तथा स्थानीय भाषा, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.रविन्द्र मंडल ने कहा कि कोल्हान की ऐतिहासिक पहचान, पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था तथा संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होना होगा. पांचवीं अनुसूची, विल्किन्सन रूल, पेसा कानून एवं ग्राम सभा के अधिकारों का पूर्ण क्रियान्वयन ही क्षेत्र के लोगों को न्याय और वास्तविक विकास दिला सकता है. युवाओं को अपनी भाषा, संस्कृति एवं जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए जागरूक होकर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए.
स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य
बैठक में यह भी कहा गया कि कोल्हान क्षेत्र आज भी सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं से अपेक्षित रूप से वंचित है. सरकार को क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विशेष योजना बनाकर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करना चाहिए. बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कोल्हान क्षेत्र के संवैधानिक अधिकारों, जनसमस्याओं एवं विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन चरणबद्ध जनजागरण अभियान चलाएगा तथा लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से सरकार और प्रशासन तक जनता की आवाज पहुंचाई जाएगी.
बैठक में उपस्थित रहे
महासचिव मानसिंह हेंब्रम, कोषाध्यक्ष जय सिंह हेंब्रम, रविन्द्र मंडल, मंगल सिंह लागुरी, परेश नायक, विश्वकर्मा दास, तिलक बारी, मंगल सिंह मेलगांडी, सागुचरण हेंब्रम, विश्वनाथ मंडल, विजय बानरा, सिकंदर बिरुली, रघुनाथ पूर्ति, सोनू हेस्सा सहित कोल्हान रक्षा संघ के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे.

