Bokaro: चास प्रखंड और चंदनकियारी विधानसभा क्षेत्र स्थित पर्वतपुर जेएसडब्ल्यू कोल ब्लॉक में स्थानीय रैयतों ने रोजगार की मांग को लेकर आवाज बुलंद कर दी है. झारखंड सरकार से कोल ब्लॉक की लीज मिलने के बाद प्रभावित परिवारों में रोजगार की उम्मीद जगी थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण के करीब 14 वर्ष बाद भी रोजगार नहीं मिलने से रैयतों में नाराजगी बढ़ गई है. सोमवार को बड़ी संख्या में प्रभावित रैयत एकत्र हुए और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगें रखीं.
237 प्रभावित परिवारों में 120 से अधिक अब भी बेरोजगार
रैयतों का कहना है कि परियोजना से प्रभावित लगभग 237 परिवारों में से 120 से अधिक लोग वर्षों से रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं. उनका आरोप है कि कंपनी स्थानीय लोगों को सीधे रोजगार देने के बजाय छोटे-छोटे टेंडर जारी कर ठेकेदारों के माध्यम से काम करा रही है. प्रभावित परिवारों ने कहा कि वे किसी भी प्रकार का कार्य करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें जानबूझकर रोजगार से वंचित रखा जा रहा है.
जीएम पर गंभीर आरोप
रैयतों ने कंपनी के महाप्रबंधक अनूप सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय लोगों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि रैयतों की बातें कंपनी के उच्च अधिकारियों तक भी नहीं पहुंचने दी जा रही हैं, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है.
सीधे रोजगार की मांग
प्रभावित रैयतों ने मांग की कि छोटे-छोटे टेंडरों की व्यवस्था समाप्त कर स्थानीय रैयतों को प्राथमिकता के आधार पर सीधे रोजगार या कार्य उपलब्ध कराया जाए. रैयतों ने कहा कि जिन्होंने परियोजना के लिए अपनी जमीन दी है, उन्हें सबसे पहले रोजगार का अधिकार मिलना चाहिए.
बड़ी संख्या में रैयत रहे मौजूद
इस अवसर पर रैयत अनिल दसौंधी, धनंजय महतो, बबलू धीवर, रूपेश महतो, जितेंद्र भट्ट सहित बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण मौजूद रहे. सभी ने एक स्वर में स्थानीय लोगों को रोजगार देने और लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की.

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