Ranchi: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का आगाज हो गया है. सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो के कक्ष में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर शामिल हुए. बैठक में सत्र की कम अवधि को देखते हुए राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराने पर सहमति बनी. तय किया गया कि जरूरत पड़ने पर सदन की कार्यवाही एक से दो घंटे तक बढ़ाई जा सकती है.

किसानों और छात्रों समेत महत्वपूर्ण मुद्दों पर होगी चर्चा
कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि मानसून सत्र के दौरान किसानों की समस्याओं, छात्र हितों और राज्य से जुड़े अन्य गंभीर विषयों पर चर्चा के लिए समय की कमी नहीं होने दी जाएगी. सत्र की अवधि कम होने के बावजूद सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाने और उन पर चर्चा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.

जरूरत पड़ने पर एक से दो घंटे बढ़ेगा सदन का समय
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि सत्र के सुचारू संचालन को लेकर कार्यमंत्रणा समिति में विस्तृत चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि ज्वलंत विषयों पर चर्चा के लिए आवश्यकता पड़ने पर सदन की कार्य अवधि एक से दो घंटे तक बढ़ाई जा सकती है.

शुक्रवार को पेश होगा अनुपूरक बजट
मानसून सत्र के दूसरे दिन यानी शुक्रवार, 7 अगस्त को सरकार चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश करेगी. अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए सदन में दो घंटे का समय निर्धारित किया गया है. इसके बाद संबंधित विनियोग विधेयक को पारित कराया जाएगा.
जानिए विधानसभा मानसून सत्र का शेड्यूल
8 और 9 अगस्त (शनिवार और रविवार). अवकाश के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी.
10 अगस्त (सोमवार). पहली पाली में प्रश्नकाल होगा, जबकि दूसरी पाली में अनुपूरक बजट पर चर्चा के बाद विनियोग विधेयक सदन से पारित कराया जाएगा.
11 अगस्त (मंगलवार). पहली पाली में प्रश्नकाल और दूसरी पाली में राज्यहित से जुड़े महत्वपूर्ण राजकीय विधेयक पेश किए जाएंगे.
12 अगस्त (बुधवार). सत्र के अंतिम दिन पहली पाली में प्रश्नकाल होगा, जबकि दूसरी पाली में राजकीय विधेयकों के साथ गैर-सरकारी संकल्प सदन में रखे जाएंगे.
सरकार और विपक्ष के बीच मुद्दों पर होगी बहस
मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बहस होने की संभावना है. कार्यमंत्रणा समिति ने सदन की कार्यवाही को सुचारू और प्रभावी ढंग से चलाने के लिए पूरी कार्ययोजना तैयार की है.

