EXCLUSIVE: झारखंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पहली बार इंग्लैंड से प्रत्यर्पित कर लाया जाएगा ड्रग माफिया

SAURAV SINGH रांची: झारखंड में नशा तस्करों और ड्रग माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिकंजा कसना शुरू कर...

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रांची: झारखंड में नशा तस्करों और ड्रग माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. राज्य के इतिहास में यह पहली बार होने जा रहा है जब किसी ड्रग माफिया को इंग्लैंड से प्रत्यर्पित कर झारखंड लाया जाएगा. झारखंड रेल पुलिस ने पंजाब मूल के तस्कर दलजिंदर सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है.

डीजी के निर्देश पर कानूनी प्रक्रिया शुरू:

झारखंड रेल पुलिस के डीजी अनिल पालटा के कड़े रुख के बाद, दलजिंदर सिंह के प्रत्यर्पण की कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पुलिस ने न केवल उसे वापस लाने की तैयारी की है, बल्कि उसका पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. इस पूरे मिशन में इंटरपोल की मदद ली जा रही है, ताकि जल्द से जल्द उसे सलाखों के पीछे लाया जा सके.

जाने कैसे खुला राज, पलामू से पंजाब तक फैला जाल:

इस पूरे मामले का खुलासा 21 नवंबर 2024 को हुआ था. जब डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने साढ़े सात लाख रुपये मूल्य की अफीम के साथ तीन तस्करों को दबोचा था. पकड़े गए तस्करों में ज्ञांती देवी, नागेंद्र पासवान और वीरेंद्र साव शामिल थे. ये सभी पलामू जिले के तरहसी थाना क्षेत्र के गोइंदी गांव के निवासी हैं. पूछताछ में तस्करों ने स्वीकार किया कि वे अफीम की यह खेप पंजाब में दलजिंदर सिंह को पहुंचाने जा रहे थे. इस मामले के अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने बाइक से रेलवे स्टेशन तक अफीम पहुंचने वाले रामदेव यादव नाम के व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर जेल भेजने का काम किया था.

पंजाब के जेल में हुई थी दोस्ती और बना बिजनेस प्लान:

जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि दलजिंदर का झारखंड कनेक्शन जेल के भीतर बना था. दलजिंदर सिंह पंजाब की गुरदासपुर जेल में एनडीपीएस एक्ट के तहत बंद था. उसी दौरान पलामू का नागेंद्र पासवान भी किसी मामले में उसी जेल में बंद था. जेल में ही दोनों के बीच मुलाकात हुई और उन्होंने झारखंड से पंजाब तक अफीम तस्करी का नेटवर्क तैयार किया. जेल से बाहर आने के बाद नागेंद्र झारखंड से अफीम की खेप दलजिंदर तक पहुंचाने लगा.

पुलिस का बढ़ा दवाब तो हैदराबाद से भागा इंग्लैंड:

जब झारखंड और पंजाब पुलिस ने दलजिंदर पर दबाव बनाना शुरू किया और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की, तो वह चालाकी से हैदराबाद पहुंचा और वहां से फ्लाइट पकड़कर इंग्लैंड भाग गया. उसे लगा कि विदेश भाग जाने से वह कानून की पहुंच से दूर हो जाएगा, लेकिन झारखंड रेल पुलिस ने अब उसे वापस लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनी रास्ता अपना लिया है.

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