Ranchi : झारखंड की प्राकृतिक वैभव को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़कर राज्य सरकार झारखंड को एक प्रमुख इको टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी में है. जनजातीय क्षेत्र उपयोजना के तहत इस महात्वाकांक्षी परियोजना के लिए लगभग 44.33 करोड़ की राशि आवंटित की है.
नगर वन और नेचर पार्क की सौगात
राजधानी रांची के आसपास लालखटंगा, गेतलसूद, होरहाप और बड़गाई में नगर वन (सिटी फॉरेस्ट) और जैव विविधता उद्यानों का विस्तार होगा. वहीं दुमका में जामताड़ा की मालंचा पहाड़ी पर नेचर पार्क विकसित कर पर्यटकों को प्रकृति के और करीब लाया जाएगा. पालकोट वन्यप्राणी आश्रयणी के विकास से वन्यजीव प्रेमियों को भी बेहतर अनुभव मिलेगा.

- राखामाइन्स और हरिणा: यहां अब पर्यटक पेड़ों पर बने ट्री हाउस और इको कॉटेज (प्रकृति अनुकूल कुटीर) में ठहरने का आनंद ले सकेंगे.
- बुरूडीह डैम और जादुगोड़ा: घाटशिला के बुरूडीह डैम को वन श्री इको कॉटेज के जरिए नया रूप दिया जा रहा है, जबकि रंकिणी और जादुगोड़ा में भी आधुनिक ट्री हाउस बनाए जाएंगे.
- चाकुलिया: बहरागोड़ा पार्क में पर्यटकों के लिए विशेष कैफेटेरिया (अल्पाहार गृह) और कॉटेज का निर्माण किया जाएगा.
- साहिबगंज और गुमला: धरोहर और जैव विविधता का संरक्षण.
- फॉसिल्स पार्क, मांडरो: साहिबगंज में स्थित इस पार्क में करोड़ों साल पुराने जीवाश्मों के शोध के लिए बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को सुदृढ़ किया जाएगा.
- गुमला : वीर शहीद तेलंगा खड़िया जैव विविधता पार्क के सौंदर्यीकरण से इस क्षेत्र को ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन के रूप में नई पहचान मिलेगी.
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