Ranchi: झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर युवाओं का गुस्सा अब उग्र रूप ले चुका है. राजधानी रांची स्थित जयपाल सिंह स्टेडियम पिछले 13 दिनों से इस छात्र आंदोलन और संघर्ष का मुख्य केंद्र बना हुआ है. शुरुआत में महज कुछ दर्जन अभ्यर्थियों से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब पूरे प्रदेश के हजारों युवाओं के जनआंदोलन में तब्दील हो चुका है. बीते दो दिनों में धरनास्थल पर अभ्यर्थियों की भीड़ दोगुनी दर्ज की गई है.

छात्रों की मुख्य मांगें: CBI जांच और पारदर्शी व्यवस्था
- आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का सीधा आरोप है कि JPSC और JSSC समेत राज्य की प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं. अभ्यर्थियों की स्पष्ट मांगें हैं कि सभी संदिग्ध भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच कराई जाए.
- धांधली व पेपर लीक में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो.
- भविष्य में आयोजित होने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए.
- अभ्यर्थियों का कहना है कि सालों की कड़ी मेहनत के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल सका है. जब तक राज्य सरकार उनकी मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लेती, तब तक यह धरना और आंदोलन समाप्त नहीं होगा.
बारिश और उमस के बीच अनशन, सोनम वांगचुक का विशेष आग्रह
- लगातार होती बारिश और उमस भरे मौसम के बीच भी सैकड़ों छात्र-छात्राएं खुले मैदान में तिरपाल और प्लास्टिक शीट्स के सहारे रातें गुजार रहे हैं. आंदोलन के समर्थन में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत छह छात्र पिछले पांच दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं.
- हाल ही में सोशल मीडिया पर उनके अनशन समाप्त करने की अफवाहें उड़ रही थीं, जिसे आंदोलनकारियों ने पूरी तरह खारिज कर दिया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रसिद्ध पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए देवेंद्र नाथ महतो से संवाद किया. उन्होंने महतो के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उनसे केवल जल और नमक ग्रहण करने का विशेष आग्रह किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है. हालांकि, उनका अन्न त्याग और अनशन लगातार जारी है. धरनास्थल पर मेडिकल टीम समय-समय पर अनशनकारियों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है.
राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा समर्थन
- दिल्ली से प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता जुनैद आंदोलन स्थल पहुंचकर छात्रों के बीच शामिल हुए हैं.
- आंदोलन को राष्ट्रीय पहचान देने के उद्देश्य से कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके भी जल्द ही रांची पहुंचने वाले हैं.
सड़क से सदन तक हंगामा: मास्क पहनकर पहुंचे विपक्ष के विधायक
- छात्र आंदोलन की गूंज अब सड़क से निकलकर झारखंड विधानसभा तक पहुंच गई है. राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने JPSC और JSSC भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का मुद्दा उठाकर सरकार को जमकर घेरा.
- भारतीय जनता पार्टी के विधायक चेहरे पर विशेष मास्क लगाकर सदन पहुंचे, जिन पर लिखा था न्याय चाहिए, धोखा नहीं, JPSC और JSSC सभी परीक्षाओं की CBI जांच कराओ. विपक्षी विधायकों के जोरदार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बुरी तरह प्रभावित हुई.
- नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, विधायक जयराम महतो और AJSU विधायक निर्मल महतो समेत कई प्रमुख नेताओं ने जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचकर अभ्यर्थियों का खुलकर समर्थन किया.
- AJSU विधायक निर्मल महतो ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में पूरी व्यवस्था पर से जनता का विश्वास उठ चुका है. उन्होंने आरोप लगाया कि मानसून सत्र के दौरान एक तरह से “रेट चार्ट” खुले ऑफर की तरह काम कर रहा है.
सरकार की पहल: वार्ता के लिए समिति गठित
बढ़ते आंदोलन और सदन में हंगामे के बीच राज्य सरकार ने गतिरोध समाप्त करने की दिशा में कदम उठाया है. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने जानकारी दी कि सरकार ने आंदोलनकारियों से बातचीत के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है. सरकार ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे वार्ता के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ें.

सरकार के साथ वार्ता का बड़ा अपडेट: 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल घोषित
सरकार की अपील के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने वार्ता के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल की आधिकारिक सूची जारी कर दी है. इस 11 सदस्यीय दल का ढांचा इस प्रकार रखा गया है. जिनमें आठ छात्र प्रतिनिधि, दो पत्रकार और एक वकील शामिल है. छात्रों ने स्पष्ट शर्त रखी है कि सरकार के साथ बातचीत की मेज पर सभी तथ्य, मांगें और पक्ष केवल छात्र प्रतिनिधि ही रखेंगे. फिलहाल, पूरे राज्य की नजरें सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली इस संभावित वार्ता और इसके नतीजों पर टिकी हुई हैं.

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