Click Here
Click Here
Click Here
Click Here
Click Here

SpaceX के Falcon-9 का अनियंत्रित हिस्सा चंद्रमा से टकराया, बना नया क्रेटर

Newswave Desk: एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) का एक बेकाबू हो चुका फाल्कन-9 रॉकेट का हिस्सा चंद्रमा की सतह से टकरा...

newswave desk
Falcon-9

Newswave Desk: एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) का एक बेकाबू हो चुका फाल्कन-9 रॉकेट का हिस्सा चंद्रमा की सतह से टकरा गया है. करीब 4,000 किलोग्राम (4 टन) वजनी यह अंतरिक्ष कचरा 8,690 किलोमीटर प्रति घंटे (लगभग 5,400 मील प्रति घंटे) की भीषण रफ्तार से चांद के आइंस्टीन क्रेटर (Einstein Crater) के पास क्रैश हुआ.

रॉकेट के टकराने की मुख्य वजह

यह रॉकेट हिस्सा (अपर स्टेज) जनवरी 2025 में दो लूनर लैंडर्स (अमेरिका का ‘ब्लू घोस्ट’ और जापान का ‘रेजिलिएंस’) को अंतरिक्ष में भेजने के लिए लॉन्च किया गया था. अपना मिशन पूरा करने के बाद ईंधन खत्म हो जाने के कारण इसे नियंत्रित नहीं किया जा सकता था. अंतरिक्ष में पिछले 19 महीनों से भटकने के बाद, सौर गतिविधि (Solar Activity) और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण के कारण यह उसकी सतह की ओर खिंचा चला गया और भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया.

चांद की सतह पर कितना बड़ा नुकसान?

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि इससे 3 टन टीएनटी (TNT) ब्लास्ट जितनी ऊर्जा निकली. इस महा-इम्पैक्ट की वजह से चांद की रेतीली सतह पर करीब 30 से 40 मीटर (100 फीट) चौड़ा और 16 फीट गहरा एक नया विशाल गड्ढा (क्रेटर) बन गया है. हालांकि, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने साफ किया है कि इस टक्कर से हमारी पृथ्वी को किसी भी तरह का खतरा नहीं है.

वैज्ञानिकों के लिए ‘जैकपॉट’ साबित हुई घटना

ग्रह वैज्ञानिकों (Planetary Scientists) के लिए यह अचानक हुई टक्कर किसी वैज्ञानिक गिफ़्ट (जैकपॉट) से कम नहीं है. टक्कर के तुरंत बाद चिली में मौजूद विशाल टेलीस्कोप्स ने चांद की सतह से 100 किलोमीटर ऊपर तक उठे मलबे और गैस के गुबार (सोडियम और लिथियम प्लूम) को रिकॉर्ड किया है. आने वाले दिनों में दक्षिण कोरिया का दानुरी ऑर्बिटर’ (Danuri Orbiter) और नासा के सैटेलाइट्स इस क्रैश साइट के ऊपर से गुजरते हुए तस्वीरें लेंगे. इससे वैज्ञानिकों को चांद की मिट्टी के नीचे छिपे रहस्यों और उसकी आंतरिक परतों को समझने में मदद मिलेगी.

ALSO READ: कामिका एकादशी 2026: इन 8 गलत आदतों से टूट सकता है व्रत, शास्त्रों में बताया गया है पाप

अंतरिक्ष कचरे (Space Debris) पर बढ़ी चिंता

इस घटना ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों को एक बार फिर बड़ी चिंता में डाल दिया है. वर्तमान में अंतरिक्ष में 46,000 से अधिक मलबे के टुकड़े तैर रहे हैं. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इंसानों को चांद पर बस्तियां बसानी हैं, तो इस तरह बेकाबू होकर गिरते रॉकेट के टुकड़े और फैलने वाला कचरा वहां बनने वाले बेस और अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *