Hazaribagh : सदर प्रखंड कार्यालय में कथित दलाली प्रथा, लंबित जनकल्याणकारी कार्यों और कर्मचारियों की कार्यशैली के विरोध में शुक्रवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. महीनों से अपने कार्य पूरे नहीं होने से नाराज दर्जनों ग्रामीणों ने सदर ब्लॉक परिसर में धरना दिया. धरने का नेतृत्व समाजसेवी और पूर्व सांसद प्रत्याशी अभिषेक कुमार ने किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले सात महीनों से वे सरकारी कार्यों के लिए ब्लॉक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है. धरना के दौरान लोगों ने कहा कि आम नागरिकों के वैध कार्य अनावश्यक रूप से लंबित रखे जा रहे हैं. आरोप लगाया गया कि कुछ बिचौलियों के माध्यम से आने वाले लोगों का काम जल्दी हो जाता है, जबकि सीधे कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को बार-बार लौटाया जाता है. इस व्यवस्था से गरीब और जरूरतमंद लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है.
समाजसेवी ने लगाए गंभीर आरोप
धरना को संबोधित करते हुए अभिषेक कुमार ने कहा कि सदर ब्लॉक में वर्षों से कुछ कर्मचारी एक ही स्थान पर जमे हुए हैं, जिससे कथित रूप से बिचौलिया संस्कृति को बढ़ावा मिला है. उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लॉक के आसपास किराये के कमरों से सौदेबाजी का खेल संचालित हो रहा है और आम लोगों का आर्थिक व मानसिक शोषण किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही हैं तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

स्थानांतरण नीति पर भी उठाए सवाल
अभिषेक कुमार ने कहा कि सरकारी स्थानांतरण नीति का पालन नहीं होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि कई कर्मचारी वर्षों से एक ही पदस्थापन स्थल पर कैसे बने हुए हैं और इस पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई. धरने के दौरान अभिषेक कुमार ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही लंबित मामलों का निष्पादन, कथित दलाली व्यवस्था पर रोक और जिम्मेदार कर्मियों के स्थानांतरण की दिशा में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ उपायुक्त कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा.


