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गुमला: साइबर क्राइम शाखा का SP बताकर पूर्व प्राचार्य से 90 हजार की ठगी, पीड़ित ने थाना पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार

Gumla: गुमला पालकोट प्रखंड में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है. ठगों ने खुद को साइबर क्राइम शाखा का...

Gumla: A former principal was duped of 90,000 rupees by a man posing as the SP of the Cyber ​​Crime Branch. The victim reached the police station and pleaded for justice.

Gumla: गुमला पालकोट प्रखंड में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है. ठगों ने खुद को साइबर क्राइम शाखा का पुलिस अधीक्षक (एसपी) बताकर एक पूर्व प्राचार्य को झांसे में लिया और उनके बेटे को गिरफ्तार करने का भय दिखाकर 90 हजार रुपये की ठगी कर ली. घटना के बाद पीड़ित ने पालकोट थाना पहुंचकर मामले की शिकायत की और प्रशासन से राशि वापस दिलाने तथा आरोपितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है. जानकारी के अनुसार, पालकोट प्रखंड के नाथपुर जुड़ाटोली निवासी दुनेश साहू, पिता इंजोतपाल साहू, जो किशोरी मोहन लाल सरस्वती विद्या मंदिर, कैम्बा टेंगरिया के पूर्व प्राचार्य रह चुके हैं, साइबर ठगों का शिकार हो गए.

बेटे की चिंता में घबराए दुनेश साहू ने ठगों खाते में भेजे  रुपये 

पीड़ित ने बताया कि उनके व्हाट्सऐप पर एक कॉल आया. कॉल रिसीव करते ही सामने वाले ने खुद को साइबर क्राइम शाखा का पुलिस अधीक्षक बताते हुए कहा कि उनके बेटे को अपराध करते हुए गिरफ्तार किया गया है और उसे 15 वर्ष की गैर-जमानती सजा हो सकती है. बातचीत के दौरान कॉल करने वाले ने किसी युवक के रोने की आवाज भी सुनाई, जिससे दुनेश साहू को लगा कि वह उनके बेटे की ही आवाज है. इसके बाद ठगों ने उन्हें फोन काटने से मना करते हुए कहा कि यदि वे तुरंत एक लाख रुपये भेज देंगे तो उनके बेटे को छोड़ दिया जाएगा. बेटे की चिंता में घबराए दुनेश साहू ने ठगों के झांसे में आकर 90 हजार रुपये उनके बताए खाते में भेज दिए.

बेटे से संपर्क होने पर साइबर ठगी का हुआ एहसास 

राशि भेजने के बाद जब उन्होंने अपने बेटे से संपर्क किया तो पता चला कि उनका बेटा पूरी तरह सुरक्षित है और रांची में मौजूद है. इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई साइबर ठगी का एहसास हुआ. वे तत्काल पालकोट थाना पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी.पीड़ित ने प्रशासन से ठगी गई राशि वापस दिलाने और साइबर अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है. समाचार लिखे जाने तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी.

सावधानी ही बचाव

पुलिस और साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, साइबर क्राइम या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन पर पैसे की मांग करे, तो उसकी बातों में न आएं. पहले संबंधित परिजन या स्थानीय पुलिस से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करें. किसी भी परिस्थिति में अनजान व्यक्ति के खाते में रुपये हस्तांतरित न करें.

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