Ranchi: झारखंड के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भारी संख्या में जुटे छात्रों ने छात्र उलगुलान का एलान किया है. ऐलान करते हुए आगामी 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की घोषणा की है. प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य और उनकी जायज मांगों को लेकर बिल्कुल भी गंभीर और मुखर नहीं है.
जानें, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से छात्रों ने क्या क्या कहा….

परीक्षाओं में धांधली और भ्रष्टाचार का आरोप
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. छात्रों ने साफ तौर पर कहा कि 14वीं जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है. परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की भारी कमी है, जिससे दिन-रात मेहनत करने वाले होनहार छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है. छात्रों ने मांग की है कि परीक्षाओं की कॉपियों की सही और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो.


लंबित भर्तियों और परीक्षा कैलेंडर पर उठाए सवाल
आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार की नियोजन नीतियों और लचर कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि राज्य में दारोगा और एलडीसी जैसी महत्वपूर्ण भर्तियां लंबे समय से अटकी हुई हैं. छात्रों की मुख्य मांग है कि इन सभी पदों पर समय पर बहाली की प्रक्रिया पूरी की जाए. इसके साथ ही, आयोग तुरंत एक स्पष्ट और पारदर्शी परीक्षा कैलेंडर जारी करे, जिससे छात्रों को पता चल सके कि कौन सी परीक्षा कब आयोजित होगी और उसका परिणाम कब आएगा.

आर-पार की लड़ाई के मूड में युवा
स्टेडियम में जुटे छात्र ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अब युवा चुप बैठने वाले नहीं हैं. अगर सरकार उनकी मांगों को जल्द से जल्द नहीं सुनती है और रोजगार के मुद्दे पर ठोस कदम नहीं उठाती है, तो 10 अगस्त को होने वाला विधानसभा घेराव ऐतिहासिक होगा. छात्रों ने कहा कि यह आंदोलन उनके हक और अधिकार की लड़ाई है, जिसे वे अंतिम सांस तक लड़ेंगे. इस प्रदर्शन में राज्य के विभिन्न जिलों से आए हजारों छात्र शामिल हुए, जिन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाकर अपनी आवाज बुलंद की.
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