Chaitra Navratri 2026: कलश स्थापना में ये चूक न कर दें, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा

  NEWS DESK: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत में होने वाली घटस्थापना, जिसे कलश स्थापना भी कहा जाता है, बेहद शुभ मानी जाती...

 

NEWS DESK: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत में होने वाली घटस्थापना, जिसे कलश स्थापना भी कहा जाता है, बेहद शुभ मानी जाती है. इस पूजा के माध्यम से श्रद्धालु मां दुर्गा का स्वागत कर उन्हें अपने घर विराजमान होने का निमंत्रण देते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि यह विधि सही नियमों और पूरी श्रद्धा के साथ की जाए, तो नवरात्र के नौ दिनों की पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है. इसलिए घटस्थापना करते समय हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखना जरूरी होता है। आइए जानते हैं इसको करने का सही तरीका.

नवरात्र में घट स्थापना: आसान तरीका और जरूरी नियम

  • नवरात्र के पहले दिन सुबह उठकर स्नान करें और श्रद्धा से मां दुर्गा का स्मरण करें.
  • जिस स्थान पर कलश स्थापित करना है, उसे अच्छी तरह साफ करें और गंगाजल छिड़ककर पवित्र बना लें.
  • पूजा के लिए उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा चुनना शुभ माना जाता है. वहां हल्दी से अष्टदल कमल का चिन्ह बना लें.
  • एक तांबे या मिट्टी के कलश में साफ जल भरें और उसमें थोड़ा गंगाजल मिलाएं. साथ ही सिक्का, सुपारी, साबुत हल्दी, दूर्वा और अक्षत डालें.
  • कलश को सीधे जमीन पर रखने के बजाय लकड़ी की चौकी या पाटा का इस्तेमाल करें.
  • चौकी पर पहले लाल या पीले रंग का साफ कपड़ा बिछाएं, फिर उसके ऊपर कलश स्थापित करें.
  • कलश पर रोली से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं और उसके गले में मौली (कलावा) बांध दें.
  • कलश के मुंह पर 5 या 7 आम या अशोक के पत्ते सजाकर रखें.
  • इसके बाद एक नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कलश के ऊपर स्थापित करें.
  • पास में एक चौड़े पात्र में मिट्टी भरकर उसमें जौ बो दें, इसे शुभ माना जाता है.
  • पूजा की शुरुआत सबसे पहले गणेश जी से करें, फिर माता दुर्गा की आराधना करें.
  • नवरात्र के पहले दिन अखंड ज्योत जलाना भी शुभ माना जाता है, इसलिए इसे जरूर प्रज्वलित करें.

इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

  • घटस्थापना करते समय शरीर और मन दोनों की पवित्रता बनाए रखें.
  • पूजा के दौरान मन को शांत रखें और नकारात्मक सोच से दूर रहें.
  • एक बार कलश स्थापित हो जाए तो पूरे नौ दिनों तक उसे अपनी जगह से न हटाएं.
  • स्थापना के समय अखंड ज्योत जलाना शुभ माना जाता है, इसे अवश्य प्रज्वलित करें.
  • यदि घर में अखंड ज्योत जल रही हो, तो घर को खाली छोड़कर जाने से बचें.
  • नवरात्र के दौरान क्रोध, गलत शब्दों का प्रयोग या किसी का अपमान करने से दूरी बनाए.

DISCLAIMER: इस लेख में दी गई जानकारी और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए हैं. यह अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं. हम इन बातों के पूरी तरह सही होने का दावा नहीं करते. इसलिए किसी भी बात को मानने से पहले अपने समझ और सोच का इस्तेमाल जरूर करें. यह लेख अंधविश्वास को बढ़ावा देने के लिए नहीं है.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *