Giridih: जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के मुंडरो गांव का एक परिवार पिछले नौ दिनों से अपने प्रियजन के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहा है. सऊदी अरब में कार्यरत प्रवासी मजदूर द्वारिका महतो की 20 जून को काम के दौरान मौत हो गई थी, लेकिन अब तक उनका शव भारत नहीं लाया जा सका है. मुआवजे को लेकर भी परिजनों को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है.
द्वारिका महतो मूल रूप से डुमरी थाना क्षेत्र के चीनो समदा गांव के निवासी थे. पिछले करीब 25 वर्षों से वह अपने ससुराल मुंडरो में रह रहे थे. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वर्ष 2005 में रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए थे, जहां वह केईसी कंपनी में कार्यरत थे.

परिवार ने सरकार से लगाई गुहार
मृतक अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्र और अन्य परिजनों को छोड़ गए हैं. पत्नी धनेश्वरी देवी का कहना है कि नौ दिन बीत जाने के बावजूद न तो शव भारत पहुंचा है और न ही कंपनी की ओर से मुआवजे को लेकर कोई संतोषजनक जवाब मिला है.
शव जल्द भारत लाने की मांग
प्रवासी श्रमिकों के हितों के लिए कार्य करने वाले सिकंदर अली ने कंपनी से शव जल्द भारत भेजने और उचित मुआवजा देने की मांग की है. वहीं मृतक की पत्नी ने केंद्र और राज्य सरकार से हस्तक्षेप कर शव को जल्द भारत लाने और परिवार को न्याय दिलाने की अपील की है.


