Ranchi: जमशेदपुर स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के चौथे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने डिग्रियां हासिल करने वाले युवाओं को भविष्य की बुलंदियों का मंत्र दिया. राज्यपाल ने साफ कहा कि दीक्षांत समारोह केवल कागजी डिग्रियां हासिल करने का पड़ाव नहीं, बल्कि असल जिंदगी के इम्तिहान और एक नई राष्ट्र निर्माण की यात्रा का शंखनाद है.
नेताजी के आदर्शों से लें प्रेरणा, राष्ट्रहित को रखें सर्वोपरि
राज्यपाल ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के व्यक्तित्व को युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बताया. उन्होंने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी अदम्य साहस, अनुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व की मिसाल थे. युवाओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि हर छात्र को नेताजी के इन आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए और देशहित को हमेशा सबसे ऊपर रखना चाहिए. साथ ही, उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रबंधन से भी अपेक्षा जताई कि वह शैक्षणिक गतिविधियों में नेताजी के सिद्धांतों को आत्मसात करे.

झारखंड के युवाओं में अपार क्षमता, जरूरत सिर्फ सही दिशा की
राज्यपाल ने कहा कि यह राज्य युवा ऊर्जा, प्राकृतिक खजाने और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से मालामाल है. यहां की प्रतिभाओं को किसी प्रमाण की जरूरत नहीं है, बस जरूरत इस बात की है कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और सही मंच मिले. उन्होंने विश्वास जताया कि नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी यहां के युवाओं को वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार कर रही है.

अब रटने की नहीं, एआइ और नवाचार की शिक्षा का दौर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह व्यवस्था हमारी शिक्षा प्रणाली को पूरी तरह बदल रही है. आज का दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक और स्टार्टअप्स का है. यूनिवर्सिटीज का काम सिर्फ नौकरी ढूंढने वाले तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे युवा पैदा करना है जो उद्यमी बनें और खुद नौकरियां पैदा करें.शिक्षा का असली मकसद सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास कराना भी है.
निजी विश्वविद्यालयों को दी कड़ी नसीहत
निजी शिक्षण संस्थानों को स्पष्ट संदेश देते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का स्तर किसी भी कीमत पर गिरना नहीं चाहिए. उन्होंने सभी निजी विश्वविद्यालयों से अपील की कि वे यूजीसी और राज्य सरकार के नियमों का पूरी कड़ाई से पालन करें. संस्थानों की प्राथमिकता बेहतरीन फैकल्टी, उच्च स्तरीय रिसर्च और छात्रों का सर्वांगीण विकास होनी चाहिए. उन्होंने छात्रों से भी कहा कि वे ज्ञान के साथ-साथ विनम्रता, अनुशासन और सेवा-भाव को अपनी ताकत बनाएं.
‘नशा मुक्त युवा’ अभियान से जुड़ने का संकल्प
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का विशेष जिक्र किया. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने कैंपस को पूरी तरह नशामुक्त बनाएं। राज्यपाल ने दो टूक कहा कि विकसित भारत का सपना तभी सच होगा जब देश का युवा तन से स्वस्थ, मन से सशक्त और सकारात्मक सोच से परिपूर्ण होगा. युवाओं से आह्वान किया गया कि वे खुद भी नशे से दूर रहें और समाज को भी इसके खिलाफ जागरूक करें.
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