NEWS DESK: नवरात्रि का समय सिर्फ भक्ति और साधना तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह शरीर को अंदर से हल्का और शुद्ध करने का भी अच्छा मौका देता है. लेकिन अगर व्रत के दौरान खान-पान का सही ध्यान न रखा जाए, तो कमजोरी, एसिडिटी और शरीर में पानी की कमी जैसी दिक्कतें महसूस हो सकती हैं.

इसलिए अगर आप इस नवरात्रि में व्रत रखने की सोच रहे हैं, तो पूरे समय खुद को फिट और एक्टिव बनाए रखने के लिए इन 5 आसान नियमों को जरूर अपनाएं.
हाइड्रेशन का रखें खास ध्यान
व्रत के दौरान शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है, इसलिए सिर्फ प्यास लगने पर ही पानी पीना पर्याप्त नहीं होता। उपवास में शरीर को सामान्य दिनों से ज्यादा हाइड्रेशन की जरूरत होती है. खुद को तरोताजा रखने के लिए दिनभर पानी के साथ नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ या ताजे फलों का जूस भी शामिल करें. वहीं चाय और कॉफी का सेवन सीमित रखें, क्योंकि इनमें मौजूद कैफीन शरीर से पानी की मात्रा घटा सकता है और खाली पेट लेने पर एसिडिटी बढ़ा सकता है.
व्रत में एनर्जी के लिए चुनें हेल्दी कार्ब्स और फाइबर
व्रत के दौरान शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहे, इसके लिए ऐसे फूड्स चुनना जरूरी है जो धीरे-धीरे एनर्जी रिलीज करें. कुट्टू का आटा और राजगीरा जैसे विकल्प फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होते हैं, जिससे आप लंबे समय तक एक्टिव और फ्रेश महसूस करते हैं. साबूदाना ज्यादा तर स्टार्च वाला होता है, इसलिए इसे ज्यादा मात्रा में लेने से सुस्ती महसूस हो सकती है। इसे संतुलित बनाने के लिए सब्जियों के साथ मिलाकर पकाना बेहतर रहता है.
साथ ही मखाना भी व्रत के लिए एक अच्छा स्नैक है. इसे तेल में तलने की बजाय हल्का भूनकर खाना ज्यादा फायदेमंद होता है, जिससे यह हल्का और हेल्दी बना रहता है.
तले की जगह हल्का और भुना हुआ खाना चुनें
नवरात्र के व्रत में लोग अक्सर चिप्स, पूड़ी या तले हुए आलू ज्यादा खा लेते हैं, लेकिन ज्यादा तेल-घी वाला भोजन पाचन को धीमा कर देता है और शरीर में भारीपन ला सकता है. बेहतर है कि आलू को तलने की बजाय उबालकर या हल्का भूनकर खाएं. कुट्टू की पूड़ी की जगह उसकी रोटी या चीला बनाना ज्यादा हेल्दी विकल्प रहेगा.
इसके साथ ही ज्यादा मीठी चीजों या शक्कर वाली लस्सी की बजाय दही या फलों से बना हल्का रायता डाइट में शामिल करें, जिससे शरीर को पोषण भी मिलेगा और आप हल्का महसूस करेंगे.
व्रत में एक साथ नहीं, सही अंतराल पर खाएं
व्रत के दौरान पूरे दिन खाली पेट रहने के बाद एक बार में भारी खाना खाना शरीर के लिए ठीक नहीं माना जाता. इससे पाचन प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है और पेट में गैस या फूलने जैसी परेशानी हो सकती है.
बेहतर है कि दिनभर में 3–4 घंटे के अंतराल पर कुछ हल्का खाते रहें, जैसे ताजे फल, मखाना या ड्राई फ्रूट्स. इससे शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहती है और कमजोरी महसूस नहीं होती. रात के समय भी हल्का और संतुलित भोजन लेना फायदेमंद रहता है. साथ ही कोशिश करें कि सोने से कम से कम 2 घंटे पहले खाना खा लें, ताकि भोजन अच्छे से पच सके और नींद भी बेहतर आए.
नींद और हल्की एक्सरसाइज है जरूरी
व्रत के दौरान पूरी तरह आराम करना जरूरी नहीं है, बल्कि हल्की-फुल्की गतिविधियां शरीर के लिए फायदेमंद रहती हैं. रोजाना थोड़ी देर प्राणायाम, डीप ब्रीदिंग या हल्का योग करने से एनर्जी बनी रहती है और थकान कम महसूस होती है. इसके साथ ही शरीर को पर्याप्त आराम देना भी उतना ही जरूरी है. रोज 7–8 घंटे की अच्छी नींद लेने से शरीर बेहतर तरीके से रिकवर करता है और आप दिनभर एक्टिव महसूस करते हैं.
अगर आपको डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर जैसी कोई समस्या है, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, ताकि आपकी हेल्थ पर कोई असर न पड़े और सभी चीजें बैलेंस्ड रहें.

