Hazaribagh: प्रखंड अंतर्गत दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) कोनार के सम्मेलन कक्ष में शुक्रवार को डीवीसी प्रबंधन, अंचल प्रशासन तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की त्रिपक्षीय बैठक आयोजित हुई. बैठक में भूमि नामांतरण, सीमांकन, सड़क निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने तथा क्षेत्र के विकास से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई. विचार-विमर्श के बाद सभी पक्षों ने पारदर्शिता और विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत समस्याओं के समाधान पर सहमति जताई.
भूमि नामांतरण के लिए दस्तावेज उपलब्ध कराएगा डीवीसी
बैठक में डीवीसी कोनार के परियोजना प्रधान राणा रंजीत सिंह, अंचल अधिकारी नित्यानंद दास, मध्य जिला परिषद सदस्य शेख तैयब, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. अंचल अधिकारी ने बताया कि डीवीसी द्वारा अधिग्रहित भूमि के प्लॉटों का स्पष्ट चिन्हांकन, मानचित्र और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराए जाने के बाद अधिग्रहित क्षेत्र से बाहर की भूमि के नामांतरण मामलों का नियमानुसार निष्पादन किया जाएगा. इस पर डीवीसी प्रबंधन ने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की सहमति दी.

फरवरी 2027 तक पूरी होगी भूमि मापी
बैठक में निर्णय लिया गया कि डीवीसी और अंचल प्रशासन संयुक्त रूप से अभिलेखों का सत्यापन कर भूमि का सीमांकन और मैपिंग कराएंगे. फरवरी 2027 तक भूमि मापी पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद अधिग्रहित और गैर-अधिग्रहित भूमि की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित होगी, जिससे भविष्य में भूमि विवाद और भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके.

ग्रामीणों की समन्वय समिति होगी गठित
भूमि संबंधी कार्यों को पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय ग्रामीणों एवं विस्थापितों की एक समन्वय समिति गठित करने पर सहमति बनी. समिति के अध्यक्ष के रूप में नागी पंचायत के मुखिया कुँवर हाँसदा तथा सदस्य के रूप में छोटेलाल बेसरा को जिम्मेदारी सौंपी गई. वहीं डीवीसी खाता संख्या 2, 4 और 6 के अंतर्गत आने वाले अपने प्लॉटों का चिन्हांकन कर अंचल कार्यालय को उपलब्ध कराएगा.
सड़क निर्माण और विकास योजनाओं पर भी बनी सहमति
बैठक में सड़क निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. सभी पक्षों ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक समन्वय के साथ आगे की कार्रवाई करने पर सहमति जताई.
विकास कार्यों में नहीं आने दिया जाएगा कोई अवरोध
बैठक के समापन पर डीवीसी, प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में संचालित सौर ऊर्जा परियोजना सहित अन्य विकास योजनाओं को जनहित में महत्वपूर्ण बताते हुए इनके सुचारु संचालन के लिए आपसी सहयोग बनाए रखने का संकल्प लिया. साथ ही आश्वस्त किया गया कि विकास कार्यों में किसी प्रकार का अवरोध नहीं आने दिया जाएगा और सभी लंबित समस्याओं का समाधान संवाद एवं सहयोग के माध्यम से किया जाएगा.
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