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हजारीबाग: संथाली भाषा पोर्टल खोलने पर बनी सहमति, कुलपति ने कहा- भाषा का संरक्षण और विकास हम सबकी जिम्मेदारी

Hazaribagh: विनोबा भावे विश्वविद्यालय में संथाली भाषा के पोर्टल को खोलने की मांग को लेकर आदिवासी छात्र संघ एवं भारतीय आदिवासी कल्याण...

Hazaribagh: Consensus reached on opening Santhali language portal, Vice Chancellor said- preservation and development of the language is the responsibility of all of us

Hazaribagh: विनोबा भावे विश्वविद्यालय में संथाली भाषा के पोर्टल को खोलने की मांग को लेकर आदिवासी छात्र संघ एवं भारतीय आदिवासी कल्याण सेवा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से मुलाकात कर विस्तृत वार्ता की. बैठक के दौरान कुलपति ने संथाली भाषा पोर्टल खोलने पर सहमति जताई और प्रतिनिधिमंडल को सकारात्मक आश्वासन दिया. वार्ता के दौरान कुलपति ने कहा कि संथाली भाषा देश की महत्वपूर्ण भाषाओं में से एक है. इस भाषा का संरक्षण, संवर्धन और विकास हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय आदिवासी भाषाओं के संरक्षण एवं विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाएगा. प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति के समक्ष संथाली भाषा की पढ़ाई को सुचारु रूप से संचालित करने, विद्यार्थियों को नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराने तथा संबंधित पोर्टल को शीघ्र प्रारंभ करने की मांग रखी. कुलपति द्वारा सकारात्मक सहमति दिए जाने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने इसे आदिवासी समाज एवं विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.

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प्रतिनिधिमंडल ने जताई उम्मीद- संथाली भाषा पोर्टल जल्द होगा शुरू

प्रतिनिधिमंडल में रमेश कुमार हेम्ब्रोम (जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति के मनोनीत सदस्य एवं आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष), सुशील ओड़िया, सुधीर बास्के, पप्पू एक्का, प्रदीप उरांव, अनिल टुडू, प्रिंस टोप्पो, दिलीप किस्कू, लक्ष्मी सोरेन, प्रियंका किस्कू, आशा टुडू सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे. प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने आश्वासन के अनुरूप जल्द ही संथाली भाषा पोर्टल शुरू करेगा, जिससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा और आदिवासी भाषाओं के संरक्षण एवं विकास को नई दिशा मिलेगी.

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