Delhi : रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC परीक्षा को लेकर एक तरफ़ छात्रों के अलग अलग संगठन और गुट आंदोलन कर रहे हैं वहीं दूसरी झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल किया है. उन्होंने अपनी याचिका में JPSC और JSSCC परीक्षा की जाँच की मांग की है. हालांकि फिलहाल यह PIL सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुआ है.

घटनाक्रम: कब क्या हुआ (21 जुलाई से आठ अगस्त का पूरा ब्योरा):
– 21 जुलाई: भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद सीआईडी ने जेपीएससी ऑफिस में छापेमारी की. उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया गया. इसके तुरंत बाद जेपीएससी चेयरमैन एल. खियांग्ते ने पद से इस्तीफा दे दिया.

– 22 जुलाई: राज्यपाल द्वारा जेपीएससी चेयरमैन एल. खियांग्ते का इस्तीफा मंजूर. सिविल सेवा मेंस समेत कुल नौ परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं. भर्ती परीक्षा धांधली के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने जेपीएससी कार्यालय का घेराव किया.

– 23 जुलाई: बीजेपी कार्यालय घेरने पहुंची कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसके कारण दो घंटे तक भारी हंगामा हुआ.
– 24 जुलाई: जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति में जारी अनियमितता के खिलाफ छात्रों ने बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया.
– 28 जुलाई: मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से जारी आंदोलन को स्थानांतरित कर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम शिफ्ट किया गया.
– 29 जुलाई: जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के बैनर तले अभ्यर्थियों ने ‘संविधान यात्रा’ निकाली.
– 30 जुलाई: भर्ती परीक्षा अनियमितता के खिलाफ विभिन्न छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से जोरदार प्रदर्शन किया.
– 31 जुलाई: अभ्यर्थी न्याय मंच के सदस्यों ने मामले में न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला.
– 01 अगस्त: भर्ती परीक्षा में हुई धांधली के विरोध में अभ्यर्थियों ने अपने आंदोलन को और तेज कर दिया
– 02 अगस्त: छात्रों ने हाथों में मशाल और तख्तियां लेकर पैदल मार्च निकाला.
– 03 अगस्त: जेपीएससी और जेएसएससी में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अभ्यर्थियों ने ‘फ्लैश लाइट मार्च’ निकालकर विरोध दर्ज कराया.
– 04 अगस्त: छात्रों ने पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शांतिपूर्ण मार्च निकाला.
– 05 अगस्त: बढ़ते विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने वार्ता के लिए 4 मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया तथा मुख्यमंत्री ने छात्रों को बातचीत का न्योता दिया.
– 06 अगस्त: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत कर उनसे जल ग्रहण करने की अपील की.
– 07 अगस्त: विधानसभा मार्च के दौरान आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई. इसी दिन छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सरकार द्वारा गठित चार मंत्रियों की कमेटी के साथ औपचारिक वार्ता की.
– 08 अगस्त: स्टेट गेस्ट हाउस में देवेंद्रनाथ महतो गुट और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता.
प्रदर्शनकारी छात्रों की 5 प्रमुख मांगें:
– सीबीआई और ईडी जांच: 14वीं जेपीएससी परीक्षा में हुई धांधली की जांच केवल सीआईडी से न कराकर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से कराई जाए, क्योंकि अभ्यर्थियों को केवल सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं है.
– फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन: मामले के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए, जिससे तय समय सीमा के भीतर सुनवाई पूरी कर न्याय मिल सके.
– टीडीपीएल द्वारा आयोजित परीक्षाएं रद्द हों: विवादित एजेंसी ‘टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा आयोजित कराई गई सभी परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए.
– एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करना: टीडीपीएल कंपनी को काली सूची में डाला जाए और भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाएं जैसी पारदर्शी और भरोसेमंद कंपनियों के माध्यम से कराई जाएं.
– दागी अधिकारियों पर कार्रवाई: जेपीएससी और जेएसएससी के उन सभी अधिकारियों को तुरंत पद से हटाया जाए जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं, तथा उनकी जगह साफ-सुथरी छवि वाले अधिकारियों को नियुक्त किया जाए.
अबतक 19 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है:
– जेपीएससी की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा में हुई गड़बड़ी, ओएमआर शीट में हेराफेरी और धोखाधड़ी के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत कार्रवाई करते हुए अगस्त 2026 तक कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया है.
– श्वेता गुप्ता पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक जेपीएससी
– रामवीर सिंह: निदेशक टीडीपीएल
– अभय कुमार तिवारी: मार्केटिंग मैनेजर टीडीपीएल
– मो. उस्मान: एजेंट
– मो. इबाद: एजेंट
– हेमंत वर्मा: कर्मचारी, टीडीपीएल
– प्रदीप कुमार सिंह: कर्मचारी टीडीपीएल
– संजय कुमार: कर्मचारी टीडीपीएल
– सोनू कुमार
– अरविंद कुमार
– सुमन सौरभ: धोखाधड़ी से परीक्षा पास करने वाला अभ्यर्थी
– उमेश कुमार: एजेंट
– बुद्धेश्वर भगत: एजेंट
– रमेश कुमार: एजेंट
– उमाकांत उरांव
– रोशन केरकेट्टा
– मनोज कुमार
– रक्षक सिंह
– धर्मेंद्र सिंह

