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चक्रधरपुर: बंदगांव में विश्व आदिवासी दिवस समारोह, जल-जंगल-जमीन और अधिकारों के संरक्षण पर जोर

Bandgaon: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड सभागार में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया. कार्यक्रम में...

Bandgaon: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड सभागार में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्य जसफीन हमसाय, विशिष्ट अतिथि प्रखंड विकास पदाधिकारी भीषम कुमार एवं झामुमो जिला उपाध्यक्ष प्रेम मुंडरी उपस्थित रहे. समारोह में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हुए. इस दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर आदिवासी संस्कृति और परंपरा की झलक पेश की गई.

आदिवासी समाज और पर्यावरण संरक्षण का गहरा संबंध: जसफीन हमसाय

मुख्य अतिथि जसफीन हमसाय ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाता है. यह दिन आदिवासी समाज की संस्कृति, सभ्यता, उपलब्धियों तथा समाज और पर्यावरण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को सम्मान देने का अवसर है.उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का पर्यावरण संरक्षण से गहरा संबंध रहा है. पर्यावरण की जितनी आवश्यकता मानव जीवन को है, उतनी ही आदिवासी समाज की संस्कृति और जीवनशैली को भी है. इसलिए आदिवासी समुदाय के अधिकारों और हितों के संरक्षण के प्रति जागरूकता जरूरी है.

जल, जंगल और जमीन का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी: बीडीओ

बीडीओ भीषम कुमार ने कहा कि आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति जुड़ाव हम सभी के लिए प्रेरणादायक है. जल, जंगल और जमीन का संरक्षण केवल आदिवासी समाज की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है.उन्होंने कहा कि अपनी परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी को शिक्षा एवं विकास के साथ आगे बढ़ाना होगा.

पौधरोपण और पेड़ों के संरक्षण का लिया संकल्प

झामुमो जिला उपाध्यक्ष प्रेम मुंडरी ने कहा कि आदिवासी समाज के कारण ही क्षेत्र का बड़ा हिस्सा आज भी हरा-भरा है. आदिवासी समाज सदियों से जंगल और पर्यावरण की रक्षा करता आया है. उन्होंने उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि सभी लोग पौधरोपण करें और एक भी पेड़ बेवजह नहीं काटें.

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

कार्यक्रम के दौरान आदिवासी गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया. समारोह में आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं के अलावा अन्य विद्यालयों के बच्चों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए. मुख्य अतिथि ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया. इस अवसर पर प्रखंड के अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.
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