Patna: बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार ने कई अहम फैसलों की घोषणा की है. पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर में स्कूलों में नियमित पढ़ाई, परीक्षा सुधार, छात्रों की शिकायतों के त्वरित समाधान और कौशल आधारित शिक्षा पर विस्तार से चर्चा हुई. शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित इस शिविर की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने की, जबकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसका उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल एक विभाग नहीं, बल्कि पूरे समाज के भविष्य को दिशा देने वाला माध्यम है. सरकार का प्रयास है कि बिहार के प्रत्येक स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो.

स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए बनेगी विशेष समिति

सरकार ने स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को बेहतर बनाने के लिए राज्य स्तर पर एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया है. समिति स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था की समीक्षा करने के साथ विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के उपाय सुझाएगी. सरकार का लक्ष्य स्कूलों को केवल भवन और संसाधनों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें बेहतर शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करना है. इसके लिए शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की जरूरत और स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी.

परीक्षा प्रणाली में तकनीक और AI का इस्तेमाल
परीक्षा व्यवस्था में भी बड़े बदलाव की तैयारी है. सरकार राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति गठित करेगी, जो बोर्ड, प्रतियोगी परीक्षाओं और स्कूल स्तर के मूल्यांकन की व्यवस्था की समीक्षा करेगी. नई व्यवस्था में विद्यार्थियों की सिर्फ याददाश्त जांचने के बजाय उनकी विषय की समझ, विश्लेषण क्षमता और ज्ञान के व्यावहारिक इस्तेमाल पर भी जोर दिया जाएगा. इसके लिए आधुनिक तकनीक के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल की संभावनाओं पर काम किया जाएगा.
छात्रों की शिकायतों के लिए अलग ऑनलाइन पोर्टल
छात्रों की समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाने के लिए अलग ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जाएगा. इस पोर्टल पर विद्यार्थी स्कूल, कॉलेज, परीक्षा, शिक्षा व्यवस्था और प्रशासन से जुड़ी शिकायतें दर्ज करने के साथ अपने सुझाव भी दे सकेंगे. सरकार का उद्देश्य छात्रों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है. शिकायत दर्ज होने के बाद उसके निपटारे की भी निगरानी की जाएगी.
30 दिन में समाधान नहीं तो मुख्यमंत्री स्तर पर होगी समीक्षा
छात्रों की शिकायतों के निपटारे के लिए समयसीमा तय करने की भी तैयारी है. यदि पोर्टल पर दर्ज किसी शिकायत का 30 दिनों के भीतर समाधान नहीं होता है, तो ऐसे मामलों को मुख्यमंत्री स्तर पर लाया जाएगा. इसके लिए हर महीने विशेष सहयोग शिविर आयोजित करने की योजना है. इसमें लंबित शिकायतों की समीक्षा की जाएगी और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का प्रयास होगा.
स्कूल-कॉलेजों में पहुंचकर छात्रों से संवाद करेंगे जनप्रतिनिधि
सरकार अब शिक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति जानने के लिए स्कूल और कॉलेजों तक पहुंचने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री, विधायक, सांसद और संबंधित अधिकारी शैक्षणिक संस्थानों का दौरा करेंगे और विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे. छात्रों से मिलने वाले सुझाव और उनकी समस्याओं को भी ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ा जाएगा. इससे सरकार को शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति और विद्यार्थियों के सामने आने वाली परेशानियों की जानकारी मिल सकेगी.
शिक्षा के साथ कौशल और रोजगार पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. ऐसी शिक्षा व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे राज्य के विद्यार्थियों को बेहतर पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़े. इसी दिशा में राज्य में 1001 मॉडल स्कूल विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है. इन स्कूलों के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा.
पेपर लीक पर सरकार सख्त, व्यवस्था को बनाया जाएगा लीकेज प्रूफ
चिंतन शिविर में परीक्षा के दौरान पेपर लीक की समस्या पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक या परीक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने पेपर लीक के मामलों में गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई और कड़ी सजा की व्यवस्था की बात कही. सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम बेहतर करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अवसर और बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है.
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