Ranchi : झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के विरोध में छात्रों का आंदोलन आज एक अत्यंत निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. राज्य के सभी 24 जिलों से पहुंचे हजारों छात्रों का हुजूम हाथों में तिरंगा, तख्तियां, पोस्टर और नारे लिखे बैनर लेकर नए विधानसभा भवन के घेराव के लिए निकल पड़ा है.

बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़े प्रदर्शनकारी
छात्रों के मार्च को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन द्वारा पुराने विधानसभा के पास भारी संख्या में बल तैनात किया गया था और मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी, हालांकि, आक्रोशित छात्रों का हुजूम प्रशासनिक बाधाओं को दरकिनार करते हुए पहली बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गया.
Also Read : विधानसभा घेराव से पहले अचानक CM आवास घेरने पहुंचे भाजपाई, कई विधायक-नेता और कार्यकर्ता हिरासत में
प्रतिनिधिमंडल ने की शांति की अपील
आंदोलन के दौरान स्थिति को नियंत्रण में रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मार्च’ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदर्शनकारी छात्रों से संयम बरतने और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने की अपील की है. मंच के नेताओं का कहना है कि आंदोलन की ताकत हमारी एकजुटता और शांतिपूर्ण तरीका है.
वार्ता बेनतीजा रहने के बाद उग्र हुआ आंदोलन
इस बड़े आंदोलन का मुख्य कारण सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता का बेनतीजा रहना है. इससे पहले सरकार और छात्रों के बीच तीन दौर की वार्ता आयोजित की गई थी. इन बैठकों में परीक्षाओं को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और पूरी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई थी.
CBI जांच पर फंसा पेच
बातचीत के दौरान मुख्य गतिरोध जेएसएससी सीजीएल मामले में सीबीआई जांच की मांग पर बना रहा. सरकार की तरफ से सीबीआई जांच के स्थान पर अन्य वैकल्पिक जांच एजेंसियों या विभागीय स्तर पर कदम उठाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे छात्र प्रतिनिधियों ने खारिज कर दिया. छात्र अपनी मुख्य मांगों विशेषकर निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने पर स्पष्ट और ठोस निर्णय चाहते हैं. इसी गतिरोध के चलते छात्रों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विधानसभा मार्च के अपने फैसले को बरकरार रखा.
