Gumla: जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है. वर्ष 2026 के आगामी चार महीनों में टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है. यह रणनीति स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने से लेकर टीबी की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी उपचार पर केंद्रित होगी.
नवनिर्मित जिला क्षय केंद्र का हुआ उद्घाटन
सदर अस्पताल परिसर में जिला क्षय केंद्र के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने किया. इस दौरान जिला टीबी सेल की ओर से तैयार चार माह की रणनीतिक कार्ययोजना को भी मंजूरी दी गई और उस पर हस्ताक्षर किए गए. उपायुक्त ने कहा कि पहले जिला क्षय केंद्र शहर से करीब चार किलोमीटर दूर होने के कारण मरीजों को जांच और उपचार के लिए परेशानी होती थी. नए भवन के शुरू होने से जिला मुख्यालय में ही टीबी की जांच और इलाज की सुविधा मिल सकेगी. इससे मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
Build, Prevent, Detect और Treat पर रहेगा फोकस
टीबी उन्मूलन की नई रणनीति नेशनल स्ट्रैटेजिक प्लान के चार प्रमुख स्तंभों Build, Prevent, Detect एवं Treat पर आधारित है. इसके तहत स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने, संक्रमण की रोकथाम, संभावित मरीजों की जल्द पहचान और प्रभावी उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. कार्ययोजना में टीबी के मामलों की सक्रिय खोज, समय पर जांच, उपचार की निगरानी, उच्च जोखिम वाले समूहों की पहचान और समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान को गति देने का लक्ष्य रखा गया है. जिले में CBNAAT और TrueNat जैसी आधुनिक जांच सुविधाओं का अधिकतम इस्तेमाल करने की भी योजना है.
टीबी के साथ जोखिम वाले कारकों पर भी नजर
उपायुक्त ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए केवल मरीजों की पहचान और इलाज पर्याप्त नहीं है. बीमारी का जोखिम बढ़ाने वाले कारकों पर भी काम करना जरूरी है. मधुमेह, कुपोषण, पुरानी सांस संबंधी बीमारियां तथा अल्कोहल और तंबाकू के सेवन को कम करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, संबंधित विभागों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम लोगों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की. उनका कहना है कि सामूहिक प्रयास से टीबी मुक्त गुमला के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.
2026 में 169 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य
सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर लगातार काम किया जा रहा है. एक चरण में 62 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में चिन्हित किया गया है. अब वर्ष 2026 में जिले की सभी 169 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. पंचायत स्तर पर टीबी की पहचान, जांच, उपचार और मरीजों के फॉलोअप को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
21 अगस्त को 62 टीबी मुक्त पंचायतों का होगा सम्मान
टीबी उन्मूलन अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए 21 अगस्त को नगर भवन, गुमला में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें 62 टीबी मुक्त पंचायतों के मुखिया और संबंधित प्रखंडों के प्रमुखों की मौजूदगी में पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा. बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों को कांस्य प्रतिमा या सम्मान चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा. प्रशासन का मानना है कि इससे जिले की अन्य पंचायतों को भी टीबी मुक्त अभियान के लिए प्रेरणा मिलेगी.
नए केंद्र से जांच और उपचार सेवाएं होंगी मजबूत
जिला कार्यक्रम समन्वयक विनय कुमार गुप्ता ने बताया कि नए जिला क्षय केंद्र के शुरू होने से जिला स्तर पर टीबी की जांच और उपचार सेवाओं को और बेहतर किया जा सकेगा. केंद्र में उपलब्ध आधुनिक जांच सुविधाओं का लाभ आम लोगों को मिलेगा. आगामी चार महीनों में टीबी मरीजों की सक्रिय खोज, जांच, उपचार और फॉलोअप पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. प्रशासन का लक्ष्य टीबी के मामलों की जल्द पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराना और संक्रमण की श्रृंखला को रोकना है.
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