Ranchi: विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा की ओर से झारखंड बंद के ऐलान पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ हुई घटना गंभीर है और यदि पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा का अचानक बंद बुलाना छात्रों के प्रति संवेदना से ज्यादा राजनीतिक अवसरवाद नजर आ रहा है. उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.
छात्र किसी पार्टी की संपत्ति नहीं
सिन्हा ने कहा कि छात्र किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं. वे अपने भविष्य, रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. भाजपा को छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करने के बजाय यह बताना चाहिए कि केंद्र सरकार के अधीन होने वाली भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर वह क्या कदम उठा रही है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है. लाठी किसी भी सरकार की भाषा नहीं हो सकती. छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत, जांच और उचित कार्रवाई के जरिए होना चाहिए.
सरकार से संवाद और जांच की मांग
राकेश सिन्हा ने सरकार से छात्रों के साथ तत्काल बातचीत करने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर अनावश्यक बल प्रयोग हुआ है तो दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए. भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केवल बंद बुलाने से छात्रों के आंदोलन का समाधान नहीं होगा. भाजपा को केंद्र सरकार पर दबाव बनाना चाहिए और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.
उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन को किसी राजनीतिक दल की राजनीति का हिस्सा नहीं बनने दिया जाएगा. छात्रों की लड़ाई उनके भविष्य और न्याय की लड़ाई है. राकेश सिन्हा ने कहा, छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है, लेकिन उसी मुद्दे पर भाजपा का राजनीतिक बंद भी समाधान नहीं है. छात्रों को न्याय चाहिए, नाटक नहीं. सरकार जवाब दे, निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों पर कार्रवाई करे. कांग्रेस छात्रों के न्याय की लड़ाई में मजबूती से उनके साथ खड़ी है.
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