Ranchi: रांची में छात्र आंदोलन के दौरान भाजपा विधायकों को विधानसभा जाने से रोके जाने का मामला अब विधानसभा अध्यक्ष तक पहुंच गया है. धनबाद विधायक राज सिन्हा ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर रांची जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई शुरू करने की मांग की है. राज सिन्हा के मुताबिक, 10 अगस्त को विधानसभा का सत्र चल रहा था. इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, विरोधी दल के मुख्य सचेतक, सचेतक समेत भाजपा के कई विधायक मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे. उनका कहना था कि छात्रों के मुद्दे और राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर मुख्यमंत्री से चर्चा करनी थी. विधायक ने आरोप लगाया कि रास्ते में रांची जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने सभी विधायकों को रोक दिया. उन्होंने कहा कि विधायकों को बलपूर्वक रोका गया और उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिससे उनके सम्मान को ठेस पहुंची.
सदन में अपनी बात रखने से रोका गया
राज सिन्हा ने अपने पत्र में कहा है कि विधानसभा का सत्र चलने के बावजूद विधायकों को बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्ट कारण के सदन तक पहुंचने नहीं दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 11 बजे विधायकों को हिरासत में ले लिया गया, जिससे वे सदन में जाकर मौजूदा परिस्थितियों पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात नहीं रख सके. भाजपा विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष से पूरे मामले को विशेषाधिकार का उल्लंघन मानते हुए रांची जिला प्रशासन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला दर्ज करने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि निर्वाचित विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने से रोकना गंभीर मामला है और इसकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
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