Palamu: रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में मेदिनीनगर कचहरी परिसर में ‘झारखंड छात्र न्याय सत्याग्रह’ का आयोजन किया गया. युवा नेता सूर्या सिंह की अध्यक्षता में आयोजित सत्याग्रह में परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की मांग उठाई गई. छात्रों के समर्थन में सूर्या सिंह एक दिवसीय शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे.
CBI जांच की मांग, सरकार पर उठाए सवाल
अनशन स्थल पर मीडिया से बातचीत में सूर्या सिंह ने रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज को अनुचित और निंदनीय बताया. उन्होंने हेमंत सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मामले में अंतरराज्यीय स्तर पर लोगों और एजेंसियों की संलिप्तता की बात सामने आ रही है, तो इसकी जांच CID से क्यों कराई जा रही है. उन्होंने सरकार से CBI जांच कराने की मांग की. सूर्या सिंह ने कहा कि CID राज्य सरकार के अधीन है, ऐसे में सरकार और अपने ही अधिकारियों से जुड़े मामले में उसकी जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने आरोप लगाया कि CID जांच के जरिए मामले को दबाने और लिपापोती करने की कोशिश की जा रही है.
छात्रों के साथ खड़े रहने का ऐलान
उन्होंने कहा कि यदि NEET परीक्षा में गड़बड़ी जैसे मामलों की जांच CBI से हो सकती है, तो झारखंड की भर्ती परीक्षाओं की जांच भी CBI से कराई जानी चाहिए. सूर्या सिंह ने कहा कि छात्रों की मांग जायज है और वह उनके हक, अधिकार और न्याय की लड़ाई में आगे भी उनके साथ खड़े रहेंगे.
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