Ranchi: झारखंड सरकार द्वारा वर्ष 2014 से अब तक आयोजित JSSC और JPSC की सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद JSSC CGL के जरिए चयनित होकर कार्यरत हजारों कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है. इस फैसले के विरोध में दूसरे दिन बुधवार को सैकड़ों कर्मचारियों ने भारी बारिश के बीच राजधानी रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं. सोमवार देर रात से ही प्रोजेक्ट भवन के बाहर डटे कर्मचारियों को बुधवार सुबह राज्य के अन्य जिलों में पदस्थापित साथियों का भी समर्थन मिलने लगा है. सभी कर्मचारी प्रोजेक्ट भवन के सामने गेट के पास बैठ गए और नारेबाजी कर रहे है. जिस वजह से पुलिस मुख्यालय की तरह जाने वाली सड़क जाम हो गई है.

नवचयनित कर्मियों के बीच हताशा का माहौल:
सरकार के फैसले ने उनके बीच भारी अनिश्चितता और हताशा पैदा कर दी है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे इस फैसले के खिलाफ तब तक आंदोलन जारी रखेंगे जब तक कि उनकी सेवाएं बहाल रखने का स्पष्ट आश्वासन नहीं मिल जाता. इस फैसले के बाद से पूरे राज्य में नवचयनित कर्मियों के बीच हताशा का माहौल है और वे अपनी मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं. प्रोजेक्ट भवन के बाहर खड़े होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नवनियुक्त कर्मचारी ने कहा की परीक्षा में धांधली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता लेकिन इसकी आड़ में ईमानदारी से चयनित हुए कर्मचारियों के भविष्य को बलि चढ़ाना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है. गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई हो न कि पूरी परीक्षा रद्द की जाए.

