Ranchi: एनआइए के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत में आईएसआईएस के लिए देश के आतंक फैलाने का आरोपी फैजान अंसारी उर्फ फैज के जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे जमानत देने से इनकार कर दिया. वह लोहरदगा का निवासी है. उसे एनआइए ने 31 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था. उसके गिरफ्तारी के बाद उसके नाबालिग होने को लेकर भी याचिका दाखिल की गयी थी, लेकिन बाद में यह सिद्ध हुआ कि वह बालिग है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से ISIS का करता है प्रचार
एनआइए के प्राथमिकी के अनुसार केंद्र सरकार को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि फैजान अंसारी उर्फ फैज जो झारखंड के लोहरदगा जिले के मदरसा के पास मिल्लत कॉलोनी का निवासी है और अलीगढ़, उत्तर प्रदेश में रहता है, आईएसआईएस का सदस्य है. वह भारत और विदेश में स्थित आईएसआईएस के गुर्गों के साथ मिलकर गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल है. वह अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से आईएसआईएस की विचारधाराओं का प्रचार कर रहा था, जिसका अंतिम उद्देश्य भारत में हिंसक आतंकवादी हमले करना था.

स्वयं प्रचार सामग्री बनाई और संपादित की
फैजान अंसारी (ए-1) ने टेलीग्राम और इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर आईएसआईएस से जुड़े कई साइबर समूह बनाए और संचालित किए, जिनका उद्देश्य आतंकवादी प्रचार सामग्री, जिनमें आईएसआईएस के प्रकाशन “वॉयस ऑफ हिंद” और “वॉयस ऑफ खोरासान” पत्रिकाएं शामिल हैं, का प्रसार करना था. इसका मकसद भारत में हिंसक हमले करने के लिए भोले-भाले युवाओं को प्रभावित करना और भर्ती करना था. भड़काऊ और कट्टरपंथी सामग्री के प्रसार के अलावा, यह भी संदेह है कि उसने स्वयं इनमें से कुछ प्रचार सामग्री बनाई या संपादित की थी.
