विनीत आभा उपाध्याय
Ranchi: झारखंड स्टेट बार काउंसिल के चुनाव की मतगणना अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. पिछले कई दिनों से जारी इस गहमागहमी भरे चुनावी विश्लेषण के बाद अब केवल चार केंद्रों के मतपत्रों की गिनती बाकी रह गई है. राज्य के 20 जिलों और प्रमुख अनुमंडलों के मतपत्रों की गिनती पूरी कर ली गई है जिससे कई उम्मीदवारों की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट होती नजर आ रही है.
साहेबगंज, सिमडेगा, सरायकेला और तेनुघाट पर टिकी निगाहें
मतगणना के अंतिम पड़ाव में अब केवल साहेबगंज, सिमडेगा, सरायकेला और तेनुघाट के मतपत्रों की गिनती बाकी है. इन चार क्षेत्रों के परिणाम न केवल उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे बल्कि यह भी तय करेंगे कि काउंसिल की शीर्ष वरीयता सूची में कौन अपनी जगह पक्की कर पाता है. सूत्रों की मानें तो इन क्षेत्रों के मतों का रुझान वर्तमान में चल रहे समीकरणों को बदल सकता है.
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पुराने दिग्गजों की चुनौती बरकरार
अब तक की गिनती में कई पुराने दिग्गजों ने अपनी बढ़त बनाए रखी है वहीं कुछ नए चेहरों ने भी चौंकाने वाले प्रदर्शन किए हैं. 20 जिलों की गिनती पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होता दिख रहा है कि झारखंड हाईकोर्ट, रांची सिविल कोर्ट और धनबाद सिविल कोर्ट जैसे बड़े बार संघों के मतों ने उम्मीदवारों की जीत-हार की नींव रख दी है.
25 सदस्यों का होगा चयन
झारखंड स्टेट बार काउंसिल में कुल 25 सदस्यों का चयन होना है. प्रथम वरीयता के आधार पर होने वाली इस जटिल मतगणना में एक-एक वोट की कीमत निर्णायक साबित हो रही है.
अंतिम परिणाम 24 से 48 घंटे में संभव
बचे हुए चार केंद्रों की मतगणना पूरी होते ही सभी उम्मीदवारों को प्राप्त प्रथम वरीयता के मतों का मिलान किया जाएगा. उसके बाद अगर जरूरत पड़ी तो द्वितीय और तृतीय वरीयता के मतों का हस्तांतरण कर अंतिम 25 विजेताओं की सूची घोषित की जाएगी. झारखंड के अधिवक्ता समुदाय में इस समय उत्साह और बेचैनी का माहौल है. राज्य भर के वकीलों की नजरें रांची स्थित मतगणना केंद्र पर टिकी हैं क्योंकि नई काउंसिल ही आने वाले वर्षों में अधिवक्ताओं के कल्याण, लाइसेंसिंग और न्यायिक सुधारों की दिशा तय करेगी. उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर आधिकारिक परिणामों की घोषणा कर दी जाएगी.
