Hazaribagh: हजारीबाग में पांच दिनों से लापता 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची का शव सिंदूर तालाब से देर रात बरामद होने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है. बच्ची अपने छोटे भाई के साथ 27 मई से लापता थी. घटना ने एक बार फिर हाल के चर्चित पौता जंगल कांड की याद ताजा कर दी है, जहां तीन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी और मामले के कई सवाल अब भी अनुत्तरित है. मृतक बच्ची के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि बच्चों के लापता होने के तुरंत बाद उन्होंने एक व्यक्ति का नाम पुलिस को बताया था और उसे मुख्य संदिग्ध बताया था. बावजूद इसके समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.

“समय पर कार्रवाई होती तो बेटी आज जिंदा होती” : पिता
मृतक बच्ची के पिता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फैजाबाद के निवासी हैं और वर्तमान में हजारीबाग के कूद क्षेत्र में रहकर लाइट वाले गुब्बारे और खिलौने बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते है. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी और छोटा बेटा परिवार की मदद के लिए गुब्बारे व खिलौने बेचने का काम करते थे. पिता का आरोप है कि बच्चों के लापता होने के बाद उन्होंने सदर थाना, लोहसिंघना थाना और कटकमदाग थाना का कई बार चक्कर लगाया, लेकिन कहीं भी उनकी शिकायत पर तत्काल जीरो एफआईआर दर्ज नहीं की गई. उनका कहना है कि यदि पुलिस शुरुआती स्तर पर सक्रियता दिखाती, तो उनकी बेटी की जान बच सकती थी.
शव की स्थिति को लेकर उठ रहे सवाल
परिजनों का दावा है कि तालाब से बरामद शव की स्थिति संदिग्ध है. उनका आरोप है कि बच्ची के साथ गंभीर अपराध हुआ है. हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट या आधिकारिक जांच के आधार पर किसी भी तरह की पुष्टि नहीं की गई है. ऐसे में मौत के कारणों और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा. इस पूरे मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि बच्ची के साथ लापता हुआ उसका लगभग 4 वर्षीय भाई अब भी लापता है. परिजन उसकी सुरक्षित बरामदगी की मांग कर रहे है. घटना के बाद परिवार सदमे में है और स्थानीय लोगों में भी भारी नाराजगी देखी जा रही है.
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि बच्चों की गुमशुदगी को गंभीरता से लेकर तत्काल कार्रवाई की जाती, तो शायद यह दुखद परिणाम सामने नहीं आता। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और लापता बच्चे की शीघ्र बरामदगी की मांग की है. बच्ची का शव मिलने के बाद क्षेत्र में न्याय की मांग तेज हो गई है. लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में बच्चों और महिलाओं से जुड़े गंभीर अपराधों की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है. अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और लापता बच्चे की तलाश जारी है. परिजन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपनी बेटी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे है.
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