Bokaro: समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई. बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), आयुष्मान भारत योजना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, 108 एम्बुलेंस सेवा, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, स्वास्थ्य संस्थानों की ब्रांडिंग तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, सिविल सर्जन डॉ ए बी प्रसाद समेत अन्य चिकित्सा पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.
स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर दिया जोर
उपायुक्त ने कहा कि आमजन को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें.

स्वास्थ्य संस्थानों में ब्रांडिंग एवं साइनेज कार्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश
उपायुक्त ने सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आयुष्मान भारत सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावी ब्रांडिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित मानकों के अनुरूप साइनेज, प्रवेश द्वार (एंट्री प्वाइंट) एवं सूचना पट्ट लगाए जाएं, ताकि आमजन को योजनाओं एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके.

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
बैठक में एएनसी (प्रसव पूर्व जांच), नियमित टीकाकरण, संस्थागत प्रसव एवं अन्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित लक्ष्य समय पर पूर्ण किए जाएं तथा सभी स्वास्थ्य संस्थानों से नियमित प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए.
108 एम्बुलेंस सेवा एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने पर बल
उपायुक्त ने जिले में उपलब्ध सभी एम्बुलेंस का प्रभावी संचालन एवं समन्वय सुनिश्चित करने की बात कही. दुर्घटना एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रिस्पॉन्स टाइम में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया. वहीं, आयुष्मान आरोग्य मंदिर के संचालन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की उपलब्धता, आवश्यक मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरणों एवं अन्य संसाधनों की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने स्वास्थ्य संस्थानों के रख-रखाव, अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण एवं सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया.
निर्धारित समय सीमा में अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश
उपायुक्त ने बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर विस्तृत अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम), जिला आरसीएच पदाधिकारी, संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
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