रांची: झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान जयराम महतो ने नई योजनाओं में रैयतों की जमीन अधिग्रहण का मामला सदन में उठाया. उन्होंने कहा कि गोंदुलपाड़ा में लोग चार दिनों से धरने पर बैठे हैं. जमीन अधिग्रहण के कारण आंदोलन की स्थिति बन रही है.

इस पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि संताल परगना में पैनम कोल माइंस के कारण रैयतों की जमीन चली गई. इसके बदले उन्हें छोटे-छोटे घर दिए गए. उन्होंने कहा कि खेतीहर लोगों के हाथों से जमीन चली जाएगी तो वे पलायन ही करेंगे. इसलिए जमीन के बदले जमीन की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए.
इस पर मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि भूमिहीनों को भूमि उपलब्ध कराई जाती है. वहीं जयराम महतो ने कहा कि पूरे राज्य में परियोजनाओं के लिए ली गई जमीन की समीक्षा होनी चाहिए.
इसी दौरान चंद्रदेव महतो के सवाल पर मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि नया छात्रावास बनाया जाएगा. साथ ही बालिका छात्रावास भी बनाया जाएगा.
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डोमचांच शहरी जलापूर्ति योजना के लिए बराकर नदी से लिया जाएगा पानी: सुदिव्य कुमार सोनू
अमित यादव ने डोमचांच शहरी जलापूर्ति योजना का मामला सदन में उठाते हुए कहा कि इस योजना के लिए तिलैया डैम से पानी लिया जाना चाहिए.
इस पर मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि बराकर नदी से 10 लाख लीटर पानी उपलब्ध होगा. छड़वा और पंचखेरो डैम की क्षमता कम है.
इस पर अमित यादव ने कहा कि बराकर नदी में बना पुल झूल रहा है. नीरा यादव ने कहा कि बराकर नदी में पानी का लेयर कम हो जाता है.
इस पर मंत्री ने कहा कि डोमचांच से तिलैया डैम की दूरी 42 किलोमीटर है. यदि वहां से पानी लाया गया तो परियोजना की लागत 20 से 25 करोड़ रुपये बढ़ जाएगी.
उन्होंने बताया कि बराकर नदी से पानी लेने के लिए डोमचांच शहरी जलापूर्ति योजना की भौतिक प्रगति 41 प्रतिशत हो चुकी है.
वहीं मथुरा महतो ने टुंडी परियोजना का मामला सदन में उठाया. इस पर मंत्री हफीजुल अंसारी ने कहा कि इसके लिए एनओसी लेने की जरूरत नहीं है. पीरटांड़ में भी मेगा लिफ्ट योजना चलाई जा रही है. 200 एमसीएम तक पानी लेने के लिए एमओसी की जरूरत नहीं होती.

