Click Here
Click Here
Click Here

बजट सत्र: भाजपा के शासनकाल में स्वर्णरेखा को अलग कर दिया गया, “स्वर्ण” और “रेखा” के चक्कर में पड़ गए

रांची: झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 12वें दिन सरयू राय के सवाल को जर्नादन पासवान ने सदन में उठाते...

jharkahnd budget 2026
jharkahnd budget 2026

रांची: झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 12वें दिन सरयू राय के सवाल को जर्नादन पासवान ने सदन में उठाते हुए पूछा कि स्वर्णरेखा परियोजना कब पूरी होगी. इस पर जल संसाधन मंत्री हफीजुल अंसारी ने कहा कि केंद्र यदि 616 करोड़ रुपये देगा तो यह योजना पूरी हो जाएगी.

उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में स्वर्णरेखा को अलग कर दिया गया और “स्वर्ण” व “रेखा” के चक्कर में पड़ गए. इसमें भी राजनीति की गई. केंद्र सरकार झारखंड के साथ नाइंसाफी कर रही है. मंत्री ने कहा कि एक से डेढ़ साल में यह परियोजना पूरी हो जाएगी. हर वित्तीय वर्ष में इस परियोजना के लिए राशि दी गई है.

Also Read: 15 हजार रुपये रिश्वत लेते दबोचा गया चंदवारा थाना का दरोगा, ACB ने की कार्रवाई

एयरपोर्ट पर टेस्टिंग लैब और प्रयोगशाला की जरूरत: कल्पना

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गांडेय की विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने राज्य के किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और यहां के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रस्ताव रखा. उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार से मांग की कि झारखंड में फल, सब्जी और वन उत्पादों के लिए एक ग्लोबल मार्केट विकसित किया जाए और एग्रो फूड हब बनाया जाए.

उन्होंने कहा कि आम, टमाटर, अदरक, हल्दी, शहद, तसर, कटहल और औषधीय पौधों का निर्यात किया जा सकता है. इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए. उन्होंने बताया कि डेढ़ लाख एकड़ में हरित ग्राम योजना के तहत फलदार पौधे लगाए गए हैं और शिमला मिर्च के भी पौधे लगाए जा रहे हैं. आने वाले समय में झारखंड के कृषि उत्पादों को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचना चाहिए.

विधायक ने यह भी कहा कि राज्य के प्रमुख एयरपोर्ट रांची और देवघर में अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब और प्रयोगशालाएं स्थापित की जानी चाहिए, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता की जांच कर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणपत्र दिए जा सकें. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कृषि और वन उत्पादों के निर्यात के लिए ठोस नीति बनाई जाए और केंद्र सरकार को आवश्यक प्रस्ताव भेजे जाएं.

इस पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि पैकेजिंग लैबोरेट्री का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन केंद्र ने उसे अस्वीकार कर दिया. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर दिल्ली जाकर फिर से बात की जाएगी. मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में 4400 से अधिक लैम्प्स-पैक्स हैं, जिनमें से लगभग 700 से 800 संचालित हो रहे हैं. खाद्य आपूर्ति और कृषि विभाग समन्वय बनाकर इस दिशा में काम करेंगे.

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *