Kolkata/Ranchi: पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल लाने वाले चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आधिकारिक तौर पर संभाल ली है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक की हत्या के मामले में केंद्रीय एजेंसी ने एफआईआर दर्ज कर ली है. डीआईजी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में सीबीआई की सात सदस्यीय विशेष टीम आज कोलकाता पहुंच रही है, जो इस हत्याकांड की जांच करेगी.
गौरतलब है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई को की गई थी. हमलावरों ने उन्हें दिनदहाड़े गोली मार दी थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें डायवर्सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया. शुरुआती जांच पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा गठित एसआईटी कर रही थी, जिसने इस मामले में अंतरराज्यीय संबंधों का खुलासा किया है.
तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है
अब तक उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जिनमें मयंक राज मिश्रा (बिहार), विक्की मौर्य (बिहार) और राज सिंह (बलिया, उत्तर प्रदेश) शामिल है. इन तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया गया है और मंगलवार उन्हें बारासात कोर्ट में पेश किए जाने की संभावना है.

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क्यों सौंपी गई CBI को जांच?
इस मामले के तार दूसरे राज्यों (यूपी और बिहार) से जुड़े होने और इसमें गहरी राजनीतिक साजिश के संदेह को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई है. विशेष रूप से, टीएमसी ने खुद इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी ताकि उन पर लग रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच हो सके. टीएमसी ने स्पष्ट रूप से इस हत्या में पार्टी की किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है.
