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चाईबासा: विभिन्न प्रखंडों में निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 295 लोगों को मिली चिकित्सा सेवा

Chaibasa: पश्चिम सिंहभूम जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयोजित निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से कुल 295 लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं...

Chaibasa: Free AYUSH health camps organised in various blocks, 295 people received medical services.

Chaibasa: पश्चिम सिंहभूम जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयोजित निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से कुल 295 लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं. इन शिविरों में आए लोगों की रक्तचाप, मधुमेह, हीमोग्लोबिन और मलेरिया सहित कई आवश्यक स्वास्थ्य जांचें निःशुल्क की गईं. इसके बाद डॉक्टरों के परामर्श के अनुसार मरीजों के बीच निःशुल्क आयुष औषधियों का वितरण किया गया. इन स्वास्थ्य शिविरों के सफल संचालन में चिकित्सकों की सक्रिय भूमिका रही. इस दौरान डॉ. सुशील कुमार, डॉ. श्रवण यादव, डॉ. सूर्य भूषण, डॉ. राधिका कुमारी, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. मैनुद्दीन अंसारी, डॉ. आशिक अंसारी, डॉ. अनिश कुमार एवं डॉ. टिम्मा रानी ने लोगों की जांच कर आवश्यक चिकित्सा परामर्श दिए. गोइलकेरा प्रखंड के बराबीर शीबासाई, झींकपानी के तकता बाजार, खूंटपानी के पोरलोंग व सोनोरो, मनोहरपुर के राईकेरा, चक्रधरपुर के जयपुर, सदर के गाड़ीखाना, तांतनगर के कोकचो तथा नोवामुंडी के टाटीबा में शिविर का आयोजन किया गया.

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मलेरिया से बचाव के बारे में बताया गया

शिविरों के दौरान आमजनों को मलेरिया के कारणों, लक्षणों और इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. चिकित्सकों ने बताया कि मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है, जिसके मुख्य लक्षणों में बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, कमजोरी और शरीर में दर्द शामिल हैं. इससे बचाव के लिए घर व आसपास पानी न जमने देने, स्वच्छता का ध्यान रखने, नियमित रूप से मच्छरदानी का प्रयोग करने और शाम के समय शरीर को ढककर रखने की सलाह दी गई. साथ ही, बुखार या मलेरिया के लक्षण दिखने पर अविलंब जांच कराने पर जोर दिया गया. इसके अलावा, शिविरों में विशेष योग सत्रों का आयोजन कर लोगों को दैनिक जीवन में योग, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया. ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या मार्गदर्शन के लिए गांव की सहिया से संपर्क करने तथा आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर शीघ्र उपचार कराने के प्रति जागरूक किया गया.

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