चाईबासा: बंदगांव के सुदूर गांवों में सड़क निर्माण बना परेशानी का कारण, मिट्टी के ढेर से तीन गांवों का रास्ता बंद

Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड के सुदूरवर्ती गांवों के लोगों ने नक्सलवाद और उग्रवाद के दौर से भले ही राहत...

मिट्टी के ढेर से बंद सड़क पर आवागमन करते ग्रामीण
मिट्टी के ढेर से बंद सड़क पर आवागमन करते ग्रामीण

Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड के सुदूरवर्ती गांवों के लोगों ने नक्सलवाद और उग्रवाद के दौर से भले ही राहत की सांस ली हो, लेकिन आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी उनकी परेशानी बढ़ा रही है. सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए वर्षों से इंतजार कर रहे ग्रामीणों के सामने अब सड़क निर्माण कार्य के दौरान नई समस्या खड़ी हो गई है.

सरकार की ओर से बंदगांव प्रखंड के पूर्व घोर नक्सल प्रभावित कोमरोड़ा, तुजूर और बानूसिलिकदा गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के उद्देश्य से झारखंडी से तुजूर तक 4.100 किलोमीटर पक्की सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. ग्रामीणों को उम्मीद थी कि सड़क बनने के बाद उनका आवागमन आसान होगा, लेकिन फिलहाल निर्माण कार्य ही उनके लिए परेशानी का कारण बन गया है.

भूस्खलन के बाद सड़क पर जमा हुई मिट्टी

जलासार पंचायत के पूर्व उपमुखिया एवं समाजसेवी बासू बरजो ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान JCB मशीन से पहाड़ के किनारे मिट्टी की कटाई की जा रही थी. इसी क्रम में अचानक भूस्खलन हो गया और बड़ी मात्रा में गीली मिट्टी सड़क पर आ गिरी. इससे पूरा रास्ता मिट्टी के बड़े ढेर में तब्दील हो गया है.

उन्होंने बताया कि स्थिति इतनी गंभीर है कि महिलाएं बच्चों को लेकर, हाथ में चप्पल और कंधे पर थैला टांगकर कीचड़ भरे रास्ते को पार करने को मजबूर हैं. वहीं बुजुर्ग ग्रामीण लाठी के सहारे जान जोखिम में डालकर गांव से बाहर अपने जरूरी कामों के लिए निकल रहे हैं.

जिस रास्ते से ग्रामीण पहले कच्चे मार्ग के सहारे आवागमन करते थे, वह भी अब पूरी तरह बंद हो गया है. ग्रामीणों को मजबूरी में सड़क पर जमा पहाड़नुमा मिट्टी के ढेर के ऊपर से होकर गुजरना पड़ रहा है. लगातार बारिश के कारण मिट्टी गीली होने से फिसलन बढ़ गई है. इस रास्ते से चार पहिया वाहनों का गुजरना तो दूर, दो पहिया वाहन चलाना भी बेहद मुश्किल हो गया है.

तीन गांवों के लोगों ने मिट्टी हटाने की मांग की

बासू बरजो ने बताया कि कोमरोड़ा, तुजूर और बानूसिलिकदा गांवों के लोगों के लिए यह रास्ता जीवनरेखा के समान है. मिट्टी का ढेर नहीं हटाए जाने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों, स्वास्थ्य सेवाओं, बाजार जाने तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और सड़क निर्माण एजेंसी से अविलंब सड़क पर जमा मिट्टी हटाकर आवागमन सुचारु कराने की मांग की है, ताकि तीनों गांवों के लोगों को हो रही परेशानी से जल्द राहत मिल सके.

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