चाईबासा: बरसात के मौसम में सतर्क रहें, ठनका से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का करें पालन: उपायुक्त

Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने जिलेवासियों से वर्षा ऋतु के दौरान प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर वज्रपात से बचाव हेतु सतर्कता...

ठनका से बचाव को लेकर उपायुक्त की अपील
ठनका से बचाव को लेकर उपायुक्त की अपील

Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने जिलेवासियों से वर्षा ऋतु के दौरान प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर वज्रपात से बचाव हेतु सतर्कता बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम में लगातार वर्षा एवं बिजली चमकने की घटनाएं हो रही हैं. ऐसे समय में अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें तथा मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थान पर ही रहें.

उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष वज्रपात की घटनाओं में कई लोगों की असामयिक मृत्यु हो जाती है, जिसे थोड़ी-सी सावधानी और जागरूकता से रोका जा सकता है. उन्होंने विशेष रूप से किसानों, मजदूरों एवं खुले स्थानों पर कार्य करने वाले लोगों से अपील की कि बिजली चमकने अथवा गर्जन होने की स्थिति में खुले मैदानों में न रहें तथा किसी भी परिस्थिति में पेड़ों के नीचे शरण न लें. इसके साथ ही वर्षा एवं वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर मोबाइल फोन का उपयोग करने से भी परहेज करें.

प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में सभी की जिम्मेदारी जरूरी

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाली जनहानि को न्यूनतम किया जाए. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सभी प्रकार की आपदाओं के दौरान प्रभावित परिवारों के साथ संवेदनशीलता एवं तत्परता से खड़ा है तथा माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के मार्गदर्शन में आपदा प्रभावितों को निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप समयबद्ध सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है.

उन्होंने कहा कि आपदा से बचाव केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी दायित्व है. यदि सभी लोग अपनी जिम्मेदारी समझते हुए छोटी-छोटी सावधानियों और सुरक्षा उपायों का पालन करें, तो प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली दुर्घटनाओं एवं जनहानि में प्रभावी रूप से कमी लाई जा सकती है.

मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील

उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की कि मौसम संबंधी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें, प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का अनुपालन करें तथा स्वयं सुरक्षित रहते हुए दूसरों को भी जागरूक करें. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता एवं सतर्कता के माध्यम से पश्चिमी सिंहभूम को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है.

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