Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच नदियों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ने लगा है. संभावित जलजमाव और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है. इसी क्रम में मंगलवार को जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार ने चक्रधरपुर पुरानी बस्ती स्थित सीढ़ी घाट पहुंचकर संजय नदी के जलस्तर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया. इस दौरान पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी और चक्रधरपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विजय कुमार हंसदा मौजूद रहे. उपायुक्त ने नदी के वर्तमान जलस्तर, तटीय क्षेत्रों की स्थिति और बारिश के प्रभाव की जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
नदी किनारे जाने से बचें
उपायुक्त ने कहा कि लगातार बारिश के कारण जिले की प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है. ऐसी स्थिति में लोगों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि नदी, नाला, जलाशय और अन्य जलस्रोतों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं. उन्होंने विशेष रूप से अभिभावकों से बच्चों को नदी किनारे जाने से रोकने की अपील की. साथ ही नदी एवं तटीय क्षेत्रों में पिकनिक, मछली पकड़ने अथवा अन्य अनावश्यक गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है.
संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर
उपायुक्त ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, बीडीओ, सीओ और संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया. नदी, नाला, जलाशय, पुल-पुलिया और निचले इलाकों में जलस्तर की लगातार निगरानी करने को कहा गया है. संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने और संभावित जोखिम की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया. साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ समन्वय बनाकर लोगों को जागरूक करने को कहा गया.
राहत-बचाव की तैयारियां पूरी रखने का निर्देश
उपायुक्त ने संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव से जुड़ी तैयारियां पहले से पूरी रखने का निर्देश दिया. संभावित प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित स्थलों और शेल्टर होम का चयन कर वहां पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश समेत अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें.
स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट
बारिश से उत्पन्न संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है. आवश्यक दवाओं और चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है.
प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से भारी बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है. तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश करने, नदी पार करने या किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचने को कहा गया है. प्रशासन ने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है. आपात स्थिति में पुलिस, फायर और मेडिकल सेवा के लिए 112 पर डायल करें.
