Chatra : जिले के प्रतापपुर प्रखंड अंतर्गत टंडवा ग्राम पंचायत के मुखिया रामकेश्वर यादव उर्फ किशोर यादव के खिलाफ मनरेगा मजदूरों की मजदूरी भुगतान के लिए रिश्वत मांगने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है. जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त ने जांच रिपोर्ट के आधार पर मुखिया की वित्तीय समेत सभी प्रशासनिक शक्तियां तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी हैं. जारी आदेश के अनुसार, मनरेगा मजदूरों की मजदूरी भुगतान के लिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) बनवाने के नाम पर अवैध रूप से पैसे लेने की शिकायत प्राप्त हुई थी. मामले की जांच प्रतापपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से कराई गई.
टंडवा पंचायत: मुखिया निलंबित, उपमुखिया को जिम्मेदारी सौंपी गई
BDO द्वारा 9 मई 2026 को सौंपे गए जांच प्रतिवेदन में मुखिया द्वारा DSC बनवाने के नाम पर पैसे लेने की बात स्वीकार किए जाने का उल्लेख किया गया. इसे झारखंड पंचायती राज अधिनियम, 2001 की धारा 64 (II) का उल्लंघन माना गया. जिला प्रशासन ने मुखिया से स्पष्टीकरण भी मांगा था, लेकिन उनके जवाब को असंतोषजनक और अस्वीकार्य पाया गया. इसके बाद ग्रामीण विकास विभाग (पंचायती राज), झारखंड सरकार के 4 जुलाई 2017 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए मुखिया के सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार निलंबित कर दिए गए. उपायुक्त के आदेश के अनुसार, टंडवा पंचायत के उपमुखिया को झारखंड पंचायती राज अधिनियम, 2001 की धारा 73 (क)(II) के तहत अगले आदेश तक पंचायत के वित्तीय एवं अन्य सभी प्रशासनिक अधिकार सौंप दिए गए हैं. DC ने आदेश की प्रतिलिपि ग्रामीण विकास विभाग, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रतापपुर को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी है. साथ ही BDO को निर्देश दिया गया है कि आदेश की प्रति संबंधित मुखिया एवं उपमुखिया को तामील कराते हुए आगे की आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.

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