Jamshedpur: एचआईवी/एड्स के प्रति युवाओं को जागरूक करने और समाज में इस बीमारी से जुड़े भ्रम, भेदभाव एवं गलत धारणाओं को दूर करने के उद्देश्य से झारखंड राज्य युवा आयोग की ओर से रविवार (5 जुलाई 2026) को जमशेदपुर के जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से 22 किलोमीटर लंबी साइक्लोथोन का आयोजन किया गया. इस जन-जागरूकता अभियान में बड़ी संख्या में युवाओं, खिलाड़ियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
अध्यक्ष कुमार गौरव और डॉ. कुणाल षाडंगी ने दिखाई हरी झंडी
साइक्लोथोन का शुभारंभ झारखंड राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष कुमार गौरव और बहरागोड़ा के पूर्व विधायक डॉ. कुणाल षाडंगी ने हरी झंडी दिखाकर किया. इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने, सामाजिक भेदभाव खत्म करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया.

युवा समाज को सही दिशा देने की सबसे बड़ी ताकत : कुमार गौरव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयोग के अध्यक्ष कुमार गौरव ने कहा कि युवा केवल अपने भविष्य के निर्माता नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने वाले सबसे महत्वपूर्ण वर्ग हैं. उन्होंने कहा कि एचआईवी/एड्स जैसी बीमारी के प्रति आज भी जागरूकता की आवश्यकता है, क्योंकि जानकारी के अभाव में कई लोग समय पर जांच और उपचार से वंचित रह जाते हैं. उन्होंने कहा कि एचआईवी सामान्य संपर्क, साथ बैठने, भोजन करने, हाथ मिलाने या गले मिलने से नहीं फैलता. इसलिए संक्रमित व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए. युवाओं को वैज्ञानिक तथ्यों को अपनाने, सुरक्षित व्यवहार करने और समाज में सही जानकारी फैलाने की अपील की गई.
स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम : डॉ. कुणाल षाडंगी
पूर्व विधायक डॉ. कुणाल षाडंगी ने झारखंड राज्य युवा आयोग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि खेल और सामाजिक सरोकार का यह समन्वय युवाओं को सकारात्मक दिशा देगा. उन्होंने कहा कि एचआईवी/एड्स के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है.

22 किलोमीटर का सफर पूरा कर प्रतिभागियों ने दिया जागरूकता का संदेश
प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ निर्धारित 22 किलोमीटर का मार्ग सफलतापूर्वक पूरा किया. कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया.
पुरुष और महिला वर्ग के विजेताओं को मिला सम्मान
पुरुष वर्ग में सरजोम मुंडी ने प्रथम, सुंदर मुर्मू ने द्वितीय और राजेश महतो ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. वहीं महिला वर्ग में सबिता सरदार प्रथम, रिंकू सिंह द्वितीय और गुलंची बंदा तृतीय स्थान पर रहीं. प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 11 हजार रुपये, द्वितीय स्थान पर रहने वालों को 9 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को 5 हजार रुपये की पुरस्कार राशि, प्रमाण-पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए. सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र और मेडल भी दिए गए.
समय पर जांच और सही जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव : विशाल तिर्की
झारखंड राज्य युवा आयोग के पूर्व सदस्य विशाल तिर्की ने कहा कि एचआईवी संक्रमण की रोकथाम के लिए सही जानकारी, समय पर जांच, सुरक्षित व्यवहार और सामाजिक सहयोग सबसे प्रभावी उपाय हैं. उन्होंने कहा कि समय पर उपचार मिलने पर एचआईवी संक्रमित व्यक्ति भी सामान्य और सम्मानजनक जीवन जी सकता है.

विशेषज्ञों ने दी एचआईवी से बचाव की महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को एचआईवी/एड्स से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी. उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच, सुरक्षित जीवनशैली और जागरूकता को संक्रमण रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया. युवाओं से स्वयं जागरूक बनने और अपने परिवार व समाज को भी सही जानकारी देने की अपील की गई.
वैज्ञानिक सोच अपनाने का लिया गया संकल्प
जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह ने कहा कि एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता एक निरंतर चलने वाली सामाजिक प्रक्रिया है. उन्होंने वैज्ञानिक सोच अपनाने और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया. कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने भेदभाव का विरोध करने और समाज को जागरूक एवं संवेदनशील बनाने का संकल्प लिया.
इन संस्थाओं और अधिकारियों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में अविष्कार फाउंडेशन, जमशेदपुर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही. इस अवसर पर यातायात पुलिस उपाधीक्षक नीरज कुमार, टाटा स्टील के मैनेजर डॉ. हसन इमाम मलिक, डीसीएलआर सह जिला खेल पदाधिकारी सच्चिदानंद महतो, समाजसेवी शिवशंकर सिंह, रमण सिंह बंटी, संजीव रंजन सिंह, सोनू तिवारी, माईकल मिंज सहित कई गणमान्य नागरिक, खिलाड़ी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे.


