Chatra: जिले के लावालौंग प्रखंड में नाबालिगों के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है. ग्रामीणों का आरोप है कि 10 से 12 वर्ष तक के बच्चे भी खुलेआम गांजा और सिगरेट का सेवन कर रहे हैं. उनका दावा है कि इनमें कई स्कूली छात्र भी शामिल हैं. वहीं, कुछ बच्चों के अफीम और शराब की लत की भी चर्चा क्षेत्र में है.
सार्वजनिक स्थान बन रहे नशे के अड्डे
स्थानीय लोगों के अनुसार, बंद पड़े जीएसबी कॉलेज परिसर, मॉडल स्कूल के आसपास, राम मंदिर के पास स्थित चबूतरा, पनडुब्बीया तालाब, हनुमान मंदिर के आसपास का क्षेत्र और थाना मुख्यालय से करीब 100 मीटर दूर स्थित बाजार टांड़ नशा करने वाले युवाओं और किशोरों के जुटान के प्रमुख ठिकाने बनते जा रहे हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की गतिविधियों से सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है और बच्चों का भविष्य भी खतरे में पड़ रहा है. ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से इन स्थानों पर नियमित गश्त बढ़ाने, नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने और नाबालिगों को नशे से बचाने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है.
पुलिस ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
थाना प्रभारी चंदन कुमार ने कहा कि नाबालिगों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति गंभीर विषय है. पुलिस इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है. सार्वजनिक स्थानों पर गश्त बढ़ाई जाएगी और जहां भी गांजा, शराब या अन्य नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री अथवा सेवन की सूचना मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें. सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी.
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