रांची: चतरा जिले में मैट्रिक के एक परीक्षार्थी को कथित रूप से अवैध तरीके से हिरासत में लेने के मामले में परीक्षार्थी की मां की ओर से दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान चतरा के एसपी सुमित अग्रवाल कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनसे पूछा कि छात्र को दस दिनों तक अवैध तरीके से हिरासत में क्यों रखा गया और हिरासत में लेने के 24 घंटे के भीतर उसे कोर्ट के समक्ष पेश क्यों नहीं किया गया. कोर्ट ने इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए एसपी को अगली सुनवाई में पुनः उपस्थित होने को कहा है.
खंडपीठ ने की सुनवाई, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की. दरअसल, लावालौंग पुलिस ने 26 और 27 जनवरी की रात दो बच्चों को हिरासत में लिया था, जिसके बाद उन्हें टंडवा थाने को सौंप दिया गया. इस कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए छात्र की माँ ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है. अब मामले में पुलिस की भूमिका और हिरासत की वैधता को लेकर कोर्ट ने जवाब तलब किया है.
