पाकुड़: शहर के बैंक कॉलोनी स्थित श्री सत्य साईं मंदिर में बाल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. श्री सत्य साईं सेवा संगठन द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले भर से बाल सेवा केंद्र संचालित करने वाले लगभग 100 गुरु भाइयों और बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
संस्कार और मानसिक विकास को बताया मूल आधार
प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तरीय पदाधिकारी दीदी पुष्पलता तथा सेवा विभाग के रवि कुमार और कुमोदी दीदी ने संस्कार केंद्रों के संचालन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बाल विकास केंद्रों का मूल उद्देश्य बच्चों में अच्छे संस्कारों का विकास करना है. प्रशिक्षकों ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि संस्कार ही बच्चों के मानसिक, नैतिक और सामाजिक विकास की मजबूत आधारशिला होते हैं, जो उन्हें भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं.
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केंद्र संचालन, गतिविधियों और उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा
प्रशिक्षकों ने श्री सत्य साईं सेवा संगठन के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली पर भी प्रकाश डाला. साथ ही जिले के विभिन्न बाल विकास केंद्रों में संचालित गतिविधियों की जानकारी ली गई और गुरु भाइयों एवं बहनों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विस्तार से समाधान किया गया. इस अवसर पर जिला स्तरीय समिति के अनिरुद्ध कुमार, सुष्मिता मंडल, सुशांत दुबे, अभिजीत घोष और सत्यम पांडे सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे.
अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण मुख्यतः दो दिवसीय है. पहले दिन विभिन्न बाल विकास केंद्रों का भ्रमण कर वहां की गतिविधियों का अवलोकन किया गया, जबकि दूसरे दिन प्रशिक्षकों द्वारा केंद्र संचालन की बारीकियों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया.

सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में सक्रिय योगदान
उल्लेखनीय है कि श्री सत्य साईं सेवा संगठन समय-समय पर विभिन्न सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में अपनी सक्रिय भूमिका निभाता रहा है. ठंड के मौसम में जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण तथा समय-समय पर मेडिकल कैंप का आयोजन कर लोगों को सेवा प्रदान करना संगठन की प्रमुख गतिविधियों में शामिल है.
